कान्हा जी घर आ जाओ भजन

कान्हा जी घर आ जाओ भजन

वो नैना जिनमें श्याम बसे हों,
वो क्यूं नीर बहायें,
जिन नैनन में श्याम की मूर्त,
वो तो सदा मुस्कायें,
वो नैना जिनमें श्याम बसे हों,
वो क्यूं नीर बहायें,
जिन नैनन में श्याम की मूर्त,
वो तो सदा मुस्कायें।

पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ,
पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ,
कब से राह तकें मोरी अंखियां,
पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ।

जीवन भर ये आस लगाई,
आयेंगे घनश्याम,
अब तो प्यास बुझा दो मोरी,
होने लगी है शाम,
पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ।

तू ही मेरे दिल का मालिक,
और ना कोई दूजा,
तेरे नाम से शुरू करूं,
और खतम करूं मेरी पूजा,
पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ।

तेरे नाम का लेके सहारा,
बीत गये दिन इतने,
तेरे दर्शन में ओ कान्हा,
रह गये और दिन कितने,
पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ।

पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ,
पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ,
कब से राह तकें मोरी अंखियां,
पिया जी घर आ जाओ,
कान्हा जी घर आ जाओ।

भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)

भजन श्रेणी : खाटू श्याम जी भजन (Khatu Shyam Ji Bhajan)



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