आई बसंत बहार इस बहार के सदके

आई बसंत बहार इस बहार के सदके

अज लिया गुरु अवतार,
इस अवतार के सदके,
है आई बसंत बहार,
इस बहार के सदके,
उस दिन था शुक्रवार,
शुक्रवार के सदके,
है आई बसंत बहार,
इस बहार के सदके।

ऐ मालन हार बनाया,
हार पहनाने के लिये,
इस हार के बहाने,
दर्शन पाने के लिये,
इस हार के फूलों की,
इक इक तार के सदके,
है आई बसंत बहार,
इस बहार के सदके।

सब आकर देन वधाईयां,
प्रभु दयाल लाल के,
कर दर्शन खुशियाँ छाया,
ऐसे दीनदयाल के,
लख वारी सदके जांवा,
प्राणाधार के सदके,
है आई बसंत बहार,
इस बहार के सदके।

है दिन था पांचों चोरों को,
वश करने के लिये,
बिछड़े हुए भक्तों के,
दुखड़े हरने के लिये,
इस संकटमोचन मनमोहन,
सरकार के सदके,
है आई बसंत बहार,
इस बहार के सदके।

तेरा दासनदास सुनता,
और गुण गाता ही रहे,
शुभ दिन बसंत मनाने,
आनंदपुर आता ही रहे,
क्या वारूं कुछ नहीं मेरा,
इस दिलदार के सदके,
है आई बसंत बहार,
इस बहार के सदके।

अज लिया गुरु अवतार,
इस अवतार के सदके,
है आई बसंत बहार,
इस बहार के सदके,
उस दिन था शुक्रवार,
शुक्रवार के सदके,
है आई बसंत बहार,
इस बहार के सदके।




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