मस्तक तिलक सजे जय गणपति जय हरे भजन

मस्तक तिलक सजे जय गणपति जय हरे भजन

मस्तक तिलक सजे, जय गणपति जय हरे हरे।
जय गणपति जय हरे हरे, जय गणपति जय हरे हरे।

पिता तुम्हारे भोले शंकर,
शीश से गंगा बहे, जय गणपति जय हरे हरे।
मस्तक तिलक सजे, जय गणपति जय हरे हरे।

माता तुम्हारी पार्वती है,
घर घर धान बटे, जय गणपति जय हरे हरे।
मस्तक तिलक सजे, जय गणपति जय हरे हरे।

भाई तुम्हारे कार्तिकेय हैं,
सब वेदों को पढ़े, जय गणपति जय हरे हरे।
मस्तक तिलक सजे, जय गणपति जय हरे हरे।

बहन तुम्हारी संतोषी मैया,
घर घर दीप जले, जय गणपति जय हरे हरे।
मस्तक तिलक सजे, जय गणपति जय हरे हरे।

पत्नी तुम्हारी ऋद्धि सिद्धि हैं,
सर्व काज सिद्ध करे, जय गणपति जय हरे हरे।
मस्तक तिलक सजे, जय गणपति जय हरे हरे।



मस्तक तिलक सजे , जय गणपति जय हरे हरे - गणेश जी का प्यारा भजन | Ganesh Ji Ka New Bhajan

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►Song - Mastak Tilak Saze Jai Ganpat Hare Hare
►Artist - Siya
►Singer - Geeta
►Lyrics - Traditional
►Music - Naman Gujral
►Editing - Mayank
►Label - Bhajan Bhakti
►Copyright - Bhajan Bhakti
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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