गुफा दे विच है बैठे सिद्ध नाथ पौणाहारी भजन

गुफा दे विच है बैठे सिद्ध नाथ पौणाहारी भजन

गुफा दे विच है बैठे सिद्ध नाथ पौणाहारी,
बालक नाथ योगी कहन्दे सारी दुनिया जिस ने तारी,
गुफा दे विच है बैठे.......

सिर ते सुनहरी जटावा मुख नूर चमका मारे,
गल में सिंगी साजे आकाश में चमके तारे,
धुना लगा के बैठे करे मोर दी सवारी,
बालक नाथ योगी कहन्दे सारी दुनिया जिस ने तारी,
गुफा दे विच है बैठे.......

मावा नु पुत्र देवे भेना नु वीर मिलावे,
हर आस पूरी करदे श्रदा नल जो भी आवे,
ढोल चिमटे छेने वजदे आई संगत दर ते भारी,
बालक नाथ योगी कहन्दे सारी दुनिया जिस ने तारी,
गुफा दे विच है बैठे.......

तेरे द्वार आगे योगी आके मोर पेहला पाउंदे,
सुख वंदन दास वरगे कई भजन गांदे,
तेरी मोहनी मूरत प्यारी कलयुग दे अवतारी,
बालक नाथ योगी कहन्दे सारी दुनिया जिस ने तारी,



jai baba balak nath ji bazan....singer.....dharminder dharwal

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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