काल रात न सुपनो आयो बाबो हेला मारे भजन
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
भगत म्हारा म्हाने याद करै है,
खाटू ना आ पावै,
हिवड़ो म्हारो भर भर आव,
कुछ भी नहीं सुहावै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
भाव भजन थारा चोखा लागै,
याद घणेरी आवै,
लीलो भी म्हारो छम छम नाचै,
बिल्कुल ना रूक पावै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
राख भरोसो बाबो थारो,
था पर जान लुटावै,
बणीं ना कोई आफत ऐसी,
जो थानै भरमावै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
आलूसिंह जी न हिवडे म,
श्याम की लगन लगादी,
भक्त के बिन भगवान नही है,
साँची बात बता दी,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
भगत म्हारा म्हाने याद करै है,
खाटू ना आ पावै,
हिवड़ो म्हारो भर भर आव,
कुछ भी नहीं सुहावै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
भाव भजन थारा चोखा लागै,
याद घणेरी आवै,
लीलो भी म्हारो छम छम नाचै,
बिल्कुल ना रूक पावै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
राख भरोसो बाबो थारो,
था पर जान लुटावै,
बणीं ना कोई आफत ऐसी,
जो थानै भरमावै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
आलूसिंह जी न हिवडे म,
श्याम की लगन लगादी,
भक्त के बिन भगवान नही है,
साँची बात बता दी,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै,
काल रात नै सुपणो आयो,
बाबो हेला मारे,
मंदिर में म्हारो मन नहीं लागै,
मनै ले चालो सागै।
ाल रात न सुपनो आयो - Shyam Singh Chouhan Khatu | Supno - Latest Shyam Bhajan
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें। स्वर: महाराज श्री श्याम सिंह जी चौहान
Label: Shyam Singh Chouhan Khatu
Contact: 9829406461
Music: Golu (Nitesh)sharma
Video By: Deepak Creations
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