मंडफिया सांचो सेठ सांवरियो संकट काटे
मंडफिया विराजे सांचो,
सेठ सांवरियो सब का संकट काटे रे,
जग में पूजा वे मारो सेठ,
सांवरियो सब का दुखड़ा मेटे रे।
भोला गुजर ने दिख्यो सेठ,
सपना में ग्वालो दरशन पायो रे,
ग्वालो तो थाने निज घर लयो रे,
बागुंड छापर में प्रगट्यो,
सेठ सांवरियो,
मंडफिया माय पूजावे रे,
जगत थारा दर्शन पावे रे।
मंदिर बणियो है घणो सोवणो,
मंडफिया में शोभा भारी रे,
सांवरिया थारी मूरत प्यारी रे,
झूलणी ग्यारस को मेलो,
जोर को सांवरियो झूलण जावे रे,
भगत सब नाचे गावें रे,
रंग उडावे रे।
भगता री भीड़ अपार सांवरिया,
थारे दर पे आवे रे सांवरिया,
थाने लाड लडावे रे सांवरियो,
सब की आस पुरावे रे।
शरणे आया की राखो लाज,
सांवरिया थांको आशीष मांगे रे,
सांवरिया चरणें शीश झुकावे रे,
सांवरिया थांका गुण सब गावें रे।
मंडफिया विराजे सांचो,
सेठ सांवरियो सब का संकट काटे रे,
जग में पूजा वे मारो सेठ,
सांवरियो सब का दुखड़ा मेटे रे।