सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ भजन
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ भजन
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
हो रही ए जय जय कार गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ।।
जिस जगह बाबा जी दा जन्म सी होइआ।।
किस मां पिओ दा ओह ज़ाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
जूनांगढ़ बाबा जी दा जन्म सी होइआ
गाज़ियाबाद विच जन्म सी होइआ
मां लच्छमी दा ओह ज़ाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
झोलियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किस कोलों बाबा जी ने वर सी पाइआ।।
किस नूँ गुरू सी बनाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
धूणे वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
शिव शंकर तोण वर सी पाइआ।।
गुरू दितात्रा बनाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
बाराँ ताँ घड़ीयाँ सी किथे बिताइयाँ।।
किस दियाँ गऊयाँ नूँ चराइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
धर्मोण दे घर बाराँ घड़ीयाँ बिताइयाँ।।
रत्नो दियाँ गऊयाँ नूँ चराइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
झोलियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किस जगह लस्सी अते रोटियाँ सी कड्ढियाँ।।
किस ने मेहना लाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
धूणे वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
शाहतलाईयाँ बोहड़ाँ विचोँ रोटियाँ सी कड्ढियाँ।।
रत्नो ने मेहना जदोँ लाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किस जगह बाबा जी ने धूणा सी लाइआ।।
किस ने ओह्नूँ अज़माइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
हेठ ग्रूने धूणा बाबा जी ने लाइआ।।
गोरख दा माण गवाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किस उत्ते बाबा जी ने कीती सी सवारी।।
किस जगह डेरा जा के लाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
धूणे वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
मोर ते सवार हो के लाइ सी उड्ढारी।।
दियोट गुफ़ा च डेरा लाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किन्न किन्न बाबा जी दी गुफ़ा नूँ बनाइआ।।
किन्न सोहणी दर्शन पाइओ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
घोरी ने बाबा जी दी गुफ़ा नूँ बनाइआ।।
दर्शन बनारसी ने पाइओ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
झोलियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
हो रही ए जय जय कार गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ।।
जिस जगह बाबा जी दा जन्म सी होइआ।।
किस मां पिओ दा ओह ज़ाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
जूनांगढ़ बाबा जी दा जन्म सी होइआ
गाज़ियाबाद विच जन्म सी होइआ
मां लच्छमी दा ओह ज़ाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
झोलियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किस कोलों बाबा जी ने वर सी पाइआ।।
किस नूँ गुरू सी बनाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
धूणे वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
शिव शंकर तोण वर सी पाइआ।।
गुरू दितात्रा बनाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
बाराँ ताँ घड़ीयाँ सी किथे बिताइयाँ।।
किस दियाँ गऊयाँ नूँ चराइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
धर्मोण दे घर बाराँ घड़ीयाँ बिताइयाँ।।
रत्नो दियाँ गऊयाँ नूँ चराइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
झोलियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किस जगह लस्सी अते रोटियाँ सी कड्ढियाँ।।
किस ने मेहना लाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
धूणे वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
शाहतलाईयाँ बोहड़ाँ विचोँ रोटियाँ सी कड्ढियाँ।।
रत्नो ने मेहना जदोँ लाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किस जगह बाबा जी ने धूणा सी लाइआ।।
किस ने ओह्नूँ अज़माइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
हेठ ग्रूने धूणा बाबा जी ने लाइआ।।
गोरख दा माण गवाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किस उत्ते बाबा जी ने कीती सी सवारी।।
किस जगह डेरा जा के लाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
धूणे वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
मोर ते सवार हो के लाइ सी उड्ढारी।।
दियोट गुफ़ा च डेरा लाइआ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
सिंगियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
किन्न किन्न बाबा जी दी गुफ़ा नूँ बनाइआ।।
किन्न सोहणी दर्शन पाइओ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
चिमटियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
घोरी ने बाबा जी दी गुफ़ा नूँ बनाइआ।।
दर्शन बनारसी ने पाइओ गुफ़ा दे विच
आरती हो रही आ
झोलियां वाले दी आज आरती हो रही आ
बूहे मंदिर दे खुल गए ने।।
Guffa De Ki Aarti Ho Rahi Hai [Full Song] Baba Balaknath Ji Diyan Aartiyan- Vol.2
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Song: Guffa De Ki Aarti Ho Rahi Hai
Album: Baba Balaknath Ji Diyan Aartiyan- Vol.2
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