बोलिये बालाजी महाराज की, जय हो, बाबा तेरे फोटो ने, मेरे ऐसी चढ़ा दी घोर, तने मैं टोवता फिरूं।
मैं मेहंदीपुर में आया, मन्ने सोची बाबा मिल गया, बाबा का दर्शन करके मुरझाया, मन भी खिल गया, बाबा तेरी माला ने, मेरा मन का पकड़ा चोर, तने मैं टोवता फिरूं,
बाबा तेरे फोटो ने, मेरे ऐसी चढ़ा दी घोर, तने मैं टोवता फिरूं।
मैं तीन पहाड़ पे आया, ओ पंच मुखी का मारया, तेरे बाल रूप ने बाबा मेरा, जीवन बदलिया सारा, तेरी ज्योति ने मेरा, ऐसा जमाया टोर, तन्ने मैं टोवता फिरूं, बाबा तेरे फोटो ने, मेरे ऐसी चढ़ा दी घोर,
लाई सेह माटी की फेरी, ॐ हनुमत जप के, मेरी धीर बंधा बाला जी, नैना से आंसू टपके, बाबा तेरी भगति ने कर, दियां घणां कठोर, तन्ने मैं टोवता फिरूं, बाबा तेरे फोटो ने, मेरे ऐसी चढ़ा दी घोर, तने मैं टोवता फिरूं। .
तने कौशिक पूजेगा से, दया करिये घाटे वाले, अशोक भगत के बाबा, तने सारे संकट काले, बाबा तेरी शक्ति ने, मेरा का रखी से लोर, तन्ने मैं टोवता फिरूं, बाबा तेरे फोटो ने, मेरे ऐसी चढ़ा दी घोर, तने मैं टोवता फिरूं।
बाबा तेरे फोटो ने, मेरे ऐसी चढ़ा दी घोर, तने मैं टोवता फिरूं।