बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिये शिव भजन
बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिये शिव भजन
बोल गौरा बोल,तुझको क्या चाहिये,
क्या चाहिये गौरा,
क्या चाहिये,
बोल गौरा बोल,
तुझको क्या चाहिये,
बोल गौरा बोल,
तुझको क्या चाहिये।
ना भोले तेरे महल अटारी,
ताना मारे लक्ष्मी,
हम को तो भोले जी,
एक महल चाहिये,
बोल गौरा बोल,
तुझको क्या चाहिये।
ना भोले तेरे लहंगा,
साड़ी ताना मारे लक्ष्मी,
हमको तो भोले जी,
लाल चुनरी चाहिये,
बोल गौरा बोल,
तुझको क्या चाहिये।
ना भोले तेरे बैड रजैया,
ताना मारे लक्ष्मी,
हमको तो रजैया,
मखमल वाली चाहिये,
बोल गौरा बोल,
तुझको क्या चाहिये।
ना भोले तेरे हीरा,
मोती ताना मारे लक्ष्मी,
हम को तो भोले,
जी एक हार चाहिये,
बोल गौरा बोल,
तुझको क्या चाहिये।
ना भोले तेरे घोड़ा,
गाड़ी ताना मारे लक्ष्मी,
हमको तो भोले जी,
एक कार चाहिये,
बोल गौरा बोल,
तुझको क्या चाहिये।
BOL GAURA BOL TUJE KYA CHAIYE
Singer :- Halkeram & Party District Ashok Nagar, Madhya Pradesh.
गौरा से पूछते हैं भोले जी, तुझको क्या चाहिए? न महल की ऊँच-नीच, न लक्ष्मी के ताने। बस एक सच्चा महल चाहिए, जहाँ दिल बसे। लहँगा-साड़ी की चमक न चाहिए, लाल चुनरी का सुकून चाहिए जो प्रेम से रँगी हो। रजैया मखमल वाली चाहिए, जो गर्माहट दे मुश्किल रातों में। इश्वर का आशीर्वाद सादगी में मिलता है, चमक-धमक से परे। जैसे कोई घर का कोना अपना लगे, वैसे सब सहज हो जाता है।
हीरा-मोती न चाहिए, बस हार का साथ चाहिए जो गले में लटके रहें। घोड़ा-गाड़ी की होड़ न चाहिए, एक कार चाहिए जो राह आसान करे। लक्ष्मी ताने मारती रहे, भोले जी जानते हैं सच्ची चाह। भक्ति की ये मिठास सब ताने भुला देती है। दिल को छू जाता है ये सादा पुकार। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री गौरा जी! जय श्री भोले जी! जय श्री पार्वती जी!
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