सिया राम की आरती कीजे

सिया राम की आरती कीजे

 
सिया राम की आरती कीजे Siya Ram Ki Aarti Kije Lyrics

सिया राम की आरती कीजे,
शरणागत तन मन को कीजे,
सिया राम की आरती कीजे,
शरणागत तन मन को कीजे।

मन जब व्याकुल अति भारी,
ना काऊ करे मदद तुम्हारी,
तब तुम राम को सुमरन कीजे,
सिया राम की आरती कीजे,
मन वांछित फल पा लीजे,
सिया राम की आरती कीजे,
शरणागत तन मन को कीजे,
सिया राम की आरती कीजे,
शरणागत तन मन को कीजै।

छल बल भय हानि मन मे छाये,
जब कोई राह नजर न आये,
तव तुम राम का सहारा लीजे,
सिया राम की आरती कीजे,
मन वांछित फल पा लीजै,
सिया राम की आरती कीजै,
शरणागत तन मन को कीजे,
सिया राम की आरती कीजै,
शरणागत तन मन को कीजै।

सिया राम की आरती कीजे,
शरणागत तन मन को कीजे,
सिया राम की आरती कीजे,
शरणागत तन मन को कीजे।
सिया राम की आरती कीजे,
शरणागत तन मन को कीजे,
सिया राम की आरती कीजे,
शरणागत तन मन को कीजे।

सिया राम की आरती ~ Bhagwan Ram ke Aarti with Lyric's | Shree Ram Song

Lyric and Music - Ravindra Khare
Singer- Anurag Maurya
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