तेरे चरणों मे सर को झुकाता रहूं
तेरे चरणों में सर को झुकाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं,
तेरे चरणों में सर को झुकाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं।
मैंने बचपन से तुझको ही जाना है,
तेरा मेरा ये रिश्ता पुराना है,
तुझे दिल की हकीकत सुनाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं।
तूने अपना बनाया ये एहसान है,
तेरी कृपा से ही मेरी पहचान है,
तेरे भक्तों से प्रेम बढाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं।
बिन्नू कहता है प्रभु धन्यवाद तुझे,
तुम बुलाया करो श्याम दर पे मुझे,
यू ही तेरे तराने मैं गाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं।
तेरे चरणों में सर को झुकाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं,
तेरे चरणों में सर को झुकाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं। तेरे चरणों में सर को झुकाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं,
तेरे चरणों में सर को झुकाता रहूं,
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं।
तेरे चरणों मे सर को झुकाता रहूं | Tere Charno Mein Sar Ko Jhukata Rahun | Upasana Mehta Bhajan |
Song : Tere Charno Mein Sar Ko Jhukata Rahun
Singer : Upasana Mehta
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