कुंभ है कुंभ है भजन राहुल कुमार बिरला भजन
कुंभ है कुंभ है भजन राहुल कुमार बिरला भजन
ओम शिवशंकरा
जटा जूट धारी
नटराज हर-हर महादेवा
ओम शिवशंकरा, शंकरा…
भगवा लहराए हर कोई गाए,
गंगा में लगा डुबकी तक़दीर बदल जाए।
कुंभ है, कुंभ है, कुंभ है, कुंभ है।
भगवा लहराए हर कोई गाए,
गंगा में लगा डुबकी तक़दीर बदल जाए।
पावन ये गंगा मैया की एक-एक बूँद है…
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
साधु-संत अखाड़े आए,
माँ गंगा के द्वारे आए।
दुनिया के कोने-कोने से,
महादेव देव के प्यारे आए।
मन पे पड़ी जो पापों की धूल जाती धूंध है...
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
देवों की भूमि पे आके,
देवलोक ही लगता है।
सुबह-शाम बस हरि नाम का,
शंख कान में बजता है।
धर्म-सनातन की सुनती हर तरफ़ गूँज है...
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
देवों की इस नगरी में,
कण-कण में भगवान बसे हैं।
गंगा मैया के इस जल में,
हर हिंदू की जान बसे है।
भटका मन भी अपने
आप को लेता ढूँढ़ है...
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
जटा जूट धारी
नटराज हर-हर महादेवा
ओम शिवशंकरा, शंकरा…
भगवा लहराए हर कोई गाए,
गंगा में लगा डुबकी तक़दीर बदल जाए।
कुंभ है, कुंभ है, कुंभ है, कुंभ है।
भगवा लहराए हर कोई गाए,
गंगा में लगा डुबकी तक़दीर बदल जाए।
पावन ये गंगा मैया की एक-एक बूँद है…
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
साधु-संत अखाड़े आए,
माँ गंगा के द्वारे आए।
दुनिया के कोने-कोने से,
महादेव देव के प्यारे आए।
मन पे पड़ी जो पापों की धूल जाती धूंध है...
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
देवों की भूमि पे आके,
देवलोक ही लगता है।
सुबह-शाम बस हरि नाम का,
शंख कान में बजता है।
धर्म-सनातन की सुनती हर तरफ़ गूँज है...
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
देवों की इस नगरी में,
कण-कण में भगवान बसे हैं।
गंगा मैया के इस जल में,
हर हिंदू की जान बसे है।
भटका मन भी अपने
आप को लेता ढूँढ़ है...
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
Kumbh Hai Kumbh Hai
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Kumbh Hai Kumbh Hai · Rahul Kumar Birla
Kumbh Hai Kumbh Hai
℗ RAHUL BIRLA MUSIC
Released on: 2026-10-27
Lead Vocals: Rahul Kumar Birla
Mastering Engineer: Anil Sharma
Mixing Engineer: Anil Sharma
Producer: Sonu Bhagat
Composer: Rahul Kumar Birla
Lyricist: Avtar Deepak
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Kumbh Hai Kumbh Hai · Rahul Kumar Birla
Kumbh Hai Kumbh Hai
℗ RAHUL BIRLA MUSIC
Released on: 2026-10-27
Lead Vocals: Rahul Kumar Birla
Mastering Engineer: Anil Sharma
Mixing Engineer: Anil Sharma
Producer: Sonu Bhagat
Composer: Rahul Kumar Birla
Lyricist: Avtar Deepak
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Author - Saroj Jangir
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