मगन हुई गई मीरा राम गुन गई के भजन
मगन हुई गई मीरा राम गुन गई के भजन मगन हुई गई मीरा राम गुन गई के, राम गुन गई के हरी का गुन गई के, आनंद हुई गई मीरा राम गुन गई के। राणों चले...
मगन हुई गई मीरा राम गुन गई के भजन मगन हुई गई मीरा राम गुन गई के, राम गुन गई के हरी का गुन गई के, आनंद हुई गई मीरा राम गुन गई के। राणों चले...
हम परदेसी पंछी रे साधु भाई भजन साखी - एजी सरवर तरवर संत जना ,और चौथा बरसे मेघ अरे परमारथ के कारणे, गुरु चारो धारी देह भजन - हम परदे...
भींजे रे चुनरिया भजन साखी - एजी रंग ही से रंग उपजे, और सब रंग देखा एक अरे कोन रंग है जिव का ,ओर ताका करो विवेक | भजन - ओहो भींगे रे...
झाड़ू म्हारो फिर रयो निर्गुण माय साखी:- जो तू सांचा बाणिया सांची हाट लगाव अंदर झाडू देयके कचरा देत बहाव।। भजन:- हाँ रे मनवा सत सरभंगी म्हारो ...
बिना चंदा बिना भाण सूरज बिना होया कबीर भजन अरे बिना चंदा रे बिना बाण सूरज बिना होया उजियाला है है परलोगा मति जाये हेली निरखले वही उणीयारो ...
मोरे सतगुरू के दरबार भजन साखी- गगन मंडल के बीच मे, और जहा सोहंगम डोर | अरे शब्द अनहद होत है, जहा सुरती है मोर। भजन - मोरे सतगुरू क...
थारा भरिया समंद माई हीरा भजन साखी- हरी हीरा जन जोहरी, और ले ले मांडी हाट। ऐसे मिले कोई पारखी, और तब हीरो की साठ। 2. हीरा पड़ा बाजार...
तन का क्यों करता गरुर कबीर भजन ऐजी रतन का तु जतन कर और माटी का सिंगार, Save the diamond of knowledge, And makup clay. अरे आया कबीरा और गया...
मोती समंदरा मोती रे चल उड़ हंसवा देश भजन साखी —मैं मर्जिवा समुद्र का, और डुबकी मारी एक। अरे मुट्ठी लाया ज्ञान कि, तो वा में वस्तु अनेक। 1. ड...
कोई मत छेड़ो रे यार भजन साखी – मारग कठिन कबीर का ,धर न सके पग कोई। आई चले कोई सुरमा, जाके धड़ पर सीस ना होय रण जंग बाजा बाजिया, और सुरा आए ध...