जिसका आदि ना अंत कोई जिससे भजन

जिसका आदि ना अंत कोई जिससे है बड़ा ना संत कोई

 
जिसका आदि ना अंत कोई लिरिक्स Jisaka Aadi Na Ant Lyrics

जिसका आदि ना अंत कोई,
जिससे है बड़ा ना संत कोई,
जिसको कहते कैलाशी है,
जिसके चरणों में काशी है,
जीवन उस को सौंप दिया तो,
फिर है क्या मरना,
महाकाल ने थामा हाथ है तो,
फिर काल से क्या डरना।

खुश हो जाये जो भोले,
तो मन के आस पुराते हैं,
क्रोध जो आ जाए उनको,
फिर प्रलय रूप दिखलाते हैं,
छोड़ दिया सब उसके ऊपर,
खुद है क्या करना,
महाकाल ने थामा हाथ है तो,
फिर काल से क्या डरना।

डम डम डमरू वाले शंकर,
को बस ध्यान लगाना है,
दुनिया के सुख माया छोड़ के,
बस भोले को पाना है,
चरणों के नीचे उनके,
बस है हरदम रहना,
महाकाल ने थामा हाथ है तो,
फिर काल से क्या डरना।

जिसका आदि ना अंत कोई,
जिससे है बड़ा ना संत कोई,
जिसको कहते कैलाशी है,
जिसके चरणों में काशी है,
जीवन उस को सौंप दिया तो,
फिर है क्या मरना,
महाकाल ने थामा हाथ है तो,
फिर काल से क्या डरना।

सुबह की शुरुआत करे शिव शंकर के इस शुभ भजन के साथ - Jiska Aadi Na Ant - Bhakti Geet

Song - Jiska aadi na ant
Singer - Gautam Birade
Lyrics - Pankaj Maurya
Composer - B k Singh
Music - Ritesh darpan/ Rahul Mehra

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