पता नही कब मंदिर से तेरा मन भर जाये श्याम
पता नहीं कब मंदिर से तेरा,
मन भर जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम,
पता नहीं कब मंदिर से तेरा,
मन भर जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम।
है मंदिर सोहणा सोहणा,
है मंदिर प्यारा प्यारा,
मगर ज्यादा दिन उसमें,
लगे ना मन तुम्हारा,
वहाँ अकेले ज्यादा दिन तक,
रह पाये ना श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम।
रहते हो मंदिर में तुम,
ये है तेरी मज़बूरी,
बना कर रखते हो तुम,
सारी दुनियाँ से दूरी,
छोड़ भक्त कोई दर्द तुम्हारा,
समझ ना पाये श्याम,
छोड़ भक्त कोई दर्द तुम्हारा,
समझ ना पाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम।
छोड़ के सब कामों को,
श्याम ये काम जरुरी,
सबसे पहले है दूसरा,
तेरा है इंतजाम ज़रूरी
डरता रहता हूँ तकलीफ में,
पड़ ना जाये श्याम,
डरता रहता हूँ तकलीफ में,
पड़ ना जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
बन जाये श्याम।
अगर मेरा घर बनवा दो,
है ये मेरा पक्का वादा,
मेरे घर पे बनवारी,
रहेगा हक तेरा ज्यादा,
नाम तेरा लिखवाने में,
कुछ घट ना जाये श्याम,
नाम तेरा लिखवाने में,
कुछ घट ना जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम।
पता नहीं कब मंदिर से तेरा,
मन भर जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम,
पता नहीं कब मंदिर से तेरा,
मन भर जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम। पता नहीं कब मंदिर से तेरा,
मन भर जाये श्याम,
उससे पहले तेरे लायक मेरा,
घर बन जाये श्याम।
पता नही कब मंदिर से तेरा मन भर जाए श्याम | Pata Nahi Kb Mandir Se Tera Man Bhar Jayein | Shyambhajan
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