ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा, ज़माने से कह दो, के कान्हा से कभी हम, ना होंगे जुदा, ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा।
जन्मों से तुम मेरे,
संग संग चले थे, गोकुल की गलियों में, हम तो पले थे, तूने माखन चुराया, मुझे भी खिलाया, सबकुछ है तेरा, और मांगू में क्या, ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा।
यमुना के तट पर, जब तुम मिले थे, चारों तरफ जैसे,
Krishna Bhajan Lyrics Hindi
गुलशन खिले थे, वो थी तेरी छाया, या थी कोई माया, जीवन उसी क्षण से, धन्य हुआ, ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा।
ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा, ज़माने से कह दो, के कान्हा से कभी हम,
ना होंगे जुदा, ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा।
ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा, ज़माने से कह दो, के कान्हा से कभी हम, ना होंगे जुदा, ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा।
A Latest Krishna Bhajan - Based on Old Film Songs Created by Dr. Nirmal Vaniawala... (Shreenath Labs, Surat) न जानूँ में आरती बंधन, न जानूँ पूजा की रीत, जानूँ तो बस इतना ही जानूँ… मेरे श्याम की बंसी और राधा की प्रीत… - डॉ. निर्मल Lyrics - Dr. Nirmal Vaniawala Vocal - Aman Lekhadia Audio Recording - Swaram Recording Studio, Surat (Mikul Shah)