गल चुनियां मैं पा के पैरी घुंघरू वजा के

गल चुनियां मैं पा के पैरी घुंघरू वजा के

गल चुनियां मैं पा के,
पैरी घुंघरू वजा के,
होवा मस्त मलंग मेरी मां,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
गल चुनियां मैं पा के,
पैरी घुंघरू वजा के।

नाम वाली बूटी ऐसी,
गोते मां पिला दे,
जिथे जिथे वेखा,
प्यारा रूप विखा दे,
जिथे जिथे वेखा,
प्यारा रूप विखा दे,
होवे पलका दे विच मुलाकात,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
गल चुनियां मैं पा के,
पैरी घुंघरू वजा के।

हत्था विच चिमटे,
खुल्ले वाण होंणगें,
पर्वत दे ऊंचे दाती,
जय जयकारे छोणगें,
पर्वत दे ऊंचे दाती,
जय जयकारे छोणगें,
गावां भेंटा मैं झूमे कायनात,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
गल चुनियां मैं पा के,
पैरी घुंघरू वजा के।

माएं नी मैं द्वारे तेरे,
झोलीयां फैलाईयां ने,
प्रेम दियां हंजुआ दी,
झंड़ीयां मैं लाईयां,
दे दे दर्शना दी आ के सौगात,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
गल चुनियां मैं पा के,
पैरी घुंघरू वजा के।

गल चुनियां मैं पा के,
पैरी घुंघरू वजा के,
होवा मस्त मलंग मेरी मां,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात,
द्वारे नचदा फिरा मैं दिन रात।
 


Gal Chuniya Mai Pake Pairi Ghungru vja k।। देसराज जी।#jaimaasherawali#jaimatadi#jaimaavaishnodevi

Next Post Previous Post