हारता जा रहा तू कहाँ श्याम है भजन
हारता जा रहा तू कहाँ श्याम है भजन
हारता जा रहा,
तू कहाँ श्याम है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
ठोकर खाकर दुनिया की,
तेरे दर पे आया हूँ,
कल तक था अपना जिनका,
आज उन्हीं का पराया हूँ,
मुझको तू अपना ले, साँवरे,
मेरे साँवरे,
मर न जाऊँ कहीं,
इतनी सी जान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
टूटे हुए दिल में मेरे,
एक विश्वास तुम्हारा है,
और किसी से आस नहीं,
बस तुमको ही पुकारा है,
आकर लाज बचा लो, साँवरे,
मेरे साँवरे,
मेरा मालिक है तू,
मेरा भगवान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
कितनी परीक्षा लोगे तुम,
बाबा अपने दास की,
टूट रही हैं मालाएँ,
मेरी हर एक साँस की,
और सहा न जाए, साँवरे,
मेरे साँवरे,
विक्की भी तो तेरी,
श्याम संतान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
हारता जा रहा,
तू कहाँ श्याम है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
तू कहाँ श्याम है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
ठोकर खाकर दुनिया की,
तेरे दर पे आया हूँ,
कल तक था अपना जिनका,
आज उन्हीं का पराया हूँ,
मुझको तू अपना ले, साँवरे,
मेरे साँवरे,
मर न जाऊँ कहीं,
इतनी सी जान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
टूटे हुए दिल में मेरे,
एक विश्वास तुम्हारा है,
और किसी से आस नहीं,
बस तुमको ही पुकारा है,
आकर लाज बचा लो, साँवरे,
मेरे साँवरे,
मेरा मालिक है तू,
मेरा भगवान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
कितनी परीक्षा लोगे तुम,
बाबा अपने दास की,
टूट रही हैं मालाएँ,
मेरी हर एक साँस की,
और सहा न जाए, साँवरे,
मेरे साँवरे,
विक्की भी तो तेरी,
श्याम संतान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
हारता जा रहा,
तू कहाँ श्याम है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
मन परेशान है | Vikas Aggarwal Vicky | Khatu Shyam Bhajan | Man Pareshan Hai | Sad Bhajan Khatu Ji
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हर टूटती साँस में एक नाम की आस जगी है; हर ठोकर के बाद भी उम्मीद का एक धागा टूटता नहीं। जिन रिश्तों ने कल साथ निभाया था, आज वही पराए दिखते हैं, पर उसी परायेपन में भी दिल एक ही हाथ ढूँढता है—उसके, जो हर शरण में ठिकाना देता है। आत्मा की खिड़की में करुणा का दीप जला कर यही राग गूंजता है कि बचाओ, बस तुम मेरे हो, वरना ये जीवन टूट-फूट कर रह जाएगा। मालाओं के टूटने की आवाज़ जैसे हर साँस के साथ धीमे घाव खोलती है, फिर भी मन की गहराई में बसी भक्ति का विश्वास डगमगाया नहीं; वह आवाज़ बार-बार पुकारती है—आओ और इसी टुकड़े दिल को जोड़ दो। परीक्षा की हर चरखा-घड़ी में भी एक नाम की रोटी मिलती है जो भूख मिटाती है; और जब भी अकेलापन घेरता है, वही नाम साथी बन कर आँसू सूखा देता है। मन की बेचैनी तब शांत होगी जब साँवरे के चरणों का स्पर्श मिल जाएगा—तब टूटे दिल की तर्ज़ पर भी फिर से जीना सम्भव लगेगा। जय श्री श्याम।
⭐Singer : Vikas Aggarwal Vicky
⭐Lyrics : Vikas Aggarwal Vicky
⭐Composer :
⭐Music : Lala Surinder Singh
⭐Video : Sartaj Yuvraj
⭐Label Ekam Bhakti 9896167970
⭐Category: Hindi Devotional ( Khatu Shyam Bhajan )
⭐Lyrics : Vikas Aggarwal Vicky
⭐Composer :
⭐Music : Lala Surinder Singh
⭐Video : Sartaj Yuvraj
⭐Label Ekam Bhakti 9896167970
⭐Category: Hindi Devotional ( Khatu Shyam Bhajan )
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Author - Saroj Jangir
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