जय हो गिरिराज प्यारे की भजन
जय हो गिरिराज प्यारे की भजन
सात कोस बारे मतवारे,बृज पति बृज रखवारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की।
मोर मुकुट शीश विराजे,
गल वैजयंती माला साजे,
काम देव भी देख लजावे,
शोभा ठाकुर प्यारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की।
हाथ लकुटिया बीट झाकुलिया,
अधर विराजे मधुर मुरलिया,
पायन में बाजे पायलिया,
ओ झनक झनक झंकारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की।
गिरिराज धरन प्रभु तेरी शरण,
प्रभु तेरी शरण प्रभु तेरी शरण,
प्रभु तेरी शरण गिरिराज धरणी,
जय हो गिरिराज प्यारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की।
सात दिन पानी बरसयो,
एक बूंद नहीं बृज में आओ,
डर कर इंद्र शरण में आयो,
श्री पति नंद दुलारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की।
सात कोस वारे मतवारे,
बृज पति बृज रखवारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की,
जय हो गिरिराज प्यारे की।
Jai Ho Giriraj Pyare Ki {जय गिरिराज प्यारे की} - Latest Bhakti Song - धनवन्तरि दास जी महाराज
Album - Jai Ho Giriraj Pyare Ki
Song : Jai Ho Giriraj Pyare Ki
Singer - Dhanvantri Das Ji Maharaj
Music - KAILASH KUMAR
Lyrics - DHANVANTRI DAS MAHARAJ JI
Parent Label(Publisher) - Shubham Audio Video Private Limited.
दिल में जब गिरिराज की वो मधुर छवि उभरती है, तो सात कोस तक फैली ब्रज की मतवाली माटी याद आ जाती है, जहाँ बृज के पति और रखवारे ने हर जीव की रक्षा की। सिर पर मोर मुकुट, गले में वैजयंती की माला लहराती, उनकी शोभा इतनी मनमोहक कि कामदेव भी लज्जित हो जाता है। हाथ में लकुटी, कंधे पर बीत, होंठों पर मुरली की मधुर तान, और पायल की झनकार हर कदम को संगीत में बदल देती है। बस उनकी एक झलक से मन झुक जाता है, और बार-बार पुकार उठती है—प्रभु तेरी शरण, गिरिराज धारण करने वाले तेरी शरण। वो शरण ऐसी है जहाँ हर भय दूर हो जाता है, हर डर पिघल जाता है।
सात दिन तक इंद्र ने मूसलाधार पानी बरसाया, मगर ब्रज में एक बूँद भी नहीं गिरी, क्योंकि गिरिराज ने सबको अपनी गोद में समेट लिया। डर से काँपता इंद्र भी शरण में आया, और नंद के लाड़ले की महिमा ने सबको हैरान कर दिया। वो प्यारे गिरिराज ही तो हैं जो ब्रज की हर सांस को संभालते हैं, हर दिल में बसते हैं। उनकी कृपा से जीवन हल्का हो जाता है, और वो प्रेम मिलता है जो कभी कम नहीं होता। ईश्वर का आशीर्वाद ऐसे ही प्रकट होता है, जब पूरी श्रद्धा से उनकी शरण ली जाती है और दिल से जयकारा लगाया जाता है।
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