सखी री मेरो राधा रमण राधा रानी भजन

सखी री मेरो राधा रमण राधा रानी भजन

छीन ले हंस के सब का ये मन,
सखी री मेरो राधा रमण,
छीन ले हंस के सब का ये मन,
सखी री मेरो राधा रमण।

मुखड़े को देख कोटि चन्दा लजाये,
गुंगराली लटके घटाए वारी जाये,
आके जादू भरे दो नैन,
सखी री मेरो राधा रमण,
छीन ले हंस के सब का ये मन,
सखी री मेरो राधा रमण।

पतली कमर किन्तु अंग है रथिले,
अधरों पे अमृत है नैना नशीले,
थोरा बचपन है थोरा यौवन,
सखी री मेरो राधा रमन,
छीन ले हंस के सब का ये मन,
सखी री मेरो राधा रमण।

छीन ले हंस के सब का ये मन,
सखी री मेरो राधा रमण,
छीन ले हंस के सब का ये मन,
सखी री मेरो राधा रमण।


सखी री मेरो राधा रमण | Sakhi ri mero Radha Raman | राधा रमण प्राकट्य उत्सव | Sanatana Sankirtan

जब साधक राधा रमण जी के रूप का चिंतन करता है, तो मन हंसते-हंसते उनका हो जाता है। कोटि चंदा भी लजाते हैं उस मुखड़े के सामने, गुंफराली लटें घटाओं पर लहराती हैं। जादू भरे नैनों की एक झलक से सब कुछ भूल जाता है, पतली कमर और रथिले अंग अमृत अधरों के साथ नशीले नैनों का संगम बनाते हैं। थोड़ा बचपन, थोड़ा यौवन—ये रूप साधक को हरा देता है, जैसे सखी बुला रही हो। इश्वर का आशर्वाद तो यही है कि हर दिल उनकी ओर खिंच जाए।

साधक देखता है कि राधा रमण जी का हर अंग मन मोह लेता है, बस एक मुस्कान में सब छीन जाते हैं। अधरों का रस, नैनों की मस्ती, कमर की लचक—सब मिलकर जादू रच देते हैं। बचपन की शरारत और यौवन का नशा ऐसा घोल बनाता है कि सारी दुनिया भूल हो जाती। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री राधा रमण जी की।

This bhajan is originally sang by Bhaiya Krishna Das ji, album- Sawara Jadugar. 
Music Composer- Shyam Bihari Das (Shivam Chaurasia) 
Lyrics: traditional
Music Label/Publisher : Sanatana Sankirtan
Band : Sanatana Sankirtan
Singers : Shyam Bihari Das (Shivam Chaurasia) , Jay Shree Devi Dasi (Yashi Parihar) 

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