शरण में लेलो हे श्रीराम बन जाएँगे बिगड़े भजन
शरण में लेलो हे श्रीराम बन जाएँगे बिगड़े भजन
शरण में ले लो, हे श्रीराम,
बन जाएँगे बिगड़े काम,
शरण में ले लो, हे श्रीराम।।
दुनिया में दुःख सहते-सहते,
हम तो सभी घबराए हैं,
इसी लिए, भगवान, तो तेरे,
हम सब द्वारे आए हैं,
तुम्हें पुकारे लेकर नाम,
शरण में ले लो, हे श्रीराम।।
भवसागर की कठिन लहरियाँ,
डूब रही भक्तों की नैया,
आकर के अब पार लगाओ,
तुम तो हो, प्रभु, चतुर खेवैया,
हमें बसा लो अपने धाम,
शरण में ले लो, हे श्रीराम।।
जब कोई न बने सहारा,
तब तुम साथ निभाते हो,
अपने भक्तों की पीड़ा को,
प्रभु जी, देख न पाते हो,
दिखलाते झाँकी अभिराम,
शरण में ले लो, हे श्रीराम।।
बन जाएँगे बिगड़े काम,
शरण में ले लो, हे श्रीराम।।
दुनिया में दुःख सहते-सहते,
हम तो सभी घबराए हैं,
इसी लिए, भगवान, तो तेरे,
हम सब द्वारे आए हैं,
तुम्हें पुकारे लेकर नाम,
शरण में ले लो, हे श्रीराम।।
भवसागर की कठिन लहरियाँ,
डूब रही भक्तों की नैया,
आकर के अब पार लगाओ,
तुम तो हो, प्रभु, चतुर खेवैया,
हमें बसा लो अपने धाम,
शरण में ले लो, हे श्रीराम।।
जब कोई न बने सहारा,
तब तुम साथ निभाते हो,
अपने भक्तों की पीड़ा को,
प्रभु जी, देख न पाते हो,
दिखलाते झाँकी अभिराम,
शरण में ले लो, हे श्रीराम।।
Sharan Me Le Lo Hey Shriram - Aadit Nayak | Audio | Ram Bhajan | Sanskar Bhajan
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Song : Sharan Me Le Lo Hey Shriram
Singer : Aadit Nayak
Label - Sanskar Bhajan
Singer : Aadit Nayak
Label - Sanskar Bhajan
जीवन की कठिनाइयों से थका हुआ मन अंततः उसी द्वार पर पहुँचता है, जहाँ सच्चा सुकून, करुणा और अपनापन मिलता है। प्रभु श्रीराम की शरण केवल दुखों से मुक्ति का मार्ग नहीं, बल्कि आत्मा को शांति और विश्वास देने वाला दिव्य आश्रय है। जब संसार के सहारे साथ छोड़ देते हैं और हर दिशा निराशाजनक प्रतीत होती है, तब प्रभु का स्मरण मन में नई आशा का दीप जला देता है। उनकी कृपा पर भरोसा रखने वाला कभी स्वयं को अकेला नहीं समझता, क्योंकि उसे यह विश्वास रहता है कि प्रभु हर परिस्थिति में अपने भक्त का हाथ थामे रहते हैं।
संसार रूपी भवसागर की लहरें अनेक बार मनुष्य को डगमगा देती हैं, पर श्रीराम ही ऐसे कुशल नाविक हैं जो श्रद्धा की नैया को सुरक्षित पार लगा देते हैं। उनकी शरण में आने का अर्थ केवल रक्षा की याचना करना नहीं, बल्कि अपने अहंकार, भय और चिंताओं को उनके चरणों में समर्पित कर देना है। प्रभु का प्रेम हर पीड़ा को हल्का कर देता है और उनका स्मरण जीवन को धैर्य, साहस तथा संतोष से भर देता है। जो मन सच्चे विश्वास के साथ श्रीराम की शरण स्वीकार कर लेता है, उसके बिगड़े मार्ग भी सहज होने लगते हैं और जीवन ईश्वर की कृपा से आलोकित हो उठता है। जय श्रीराम!
संसार रूपी भवसागर की लहरें अनेक बार मनुष्य को डगमगा देती हैं, पर श्रीराम ही ऐसे कुशल नाविक हैं जो श्रद्धा की नैया को सुरक्षित पार लगा देते हैं। उनकी शरण में आने का अर्थ केवल रक्षा की याचना करना नहीं, बल्कि अपने अहंकार, भय और चिंताओं को उनके चरणों में समर्पित कर देना है। प्रभु का प्रेम हर पीड़ा को हल्का कर देता है और उनका स्मरण जीवन को धैर्य, साहस तथा संतोष से भर देता है। जो मन सच्चे विश्वास के साथ श्रीराम की शरण स्वीकार कर लेता है, उसके बिगड़े मार्ग भी सहज होने लगते हैं और जीवन ईश्वर की कृपा से आलोकित हो उठता है। जय श्रीराम!
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Author - Saroj Jangir
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