तेरे घर परिवार की श्याम भजन

तेरे घर परिवार की श्याम फिक्र करता है भजन

 
तेरे घर परिवार की श्याम फिक्र करता है भजन

तेरे घर परिवार की,
श्याम फिक्र करता है,
जब सांवरा साथ तेरे,
फिर काहे डरता है,
तेरे घर परिवार की,
श्याम फिक्र करता है।

मतलब का संसार है,
कोई काम ना आये,
झूठे नाते हैं यहाँ,
झूठे रिश्ते निभाएं,
सच्चा रिश्ता श्याम का,
ये सब से प्रेम करता है,
जब सांवरा साथ तेरे,
फिर काहे डरता है,
तेरे घर परिवार की,
श्याम फिक्र करता है।

हारा जब भी तू यहाँ,
तेरा साथ निभाया,
आंसू पोंछ कर के तेरे,
तुझको गले लगाया,
तेरे हर एक आंसू की,
श्याम कदर करता है,
जब सांवरा साथ तेरे,
फिर काहे डरता है,
तेरे घर परिवार की,
श्याम फिक्र करता है।

मोरछड़ी ले हाथ में,
नीले चढ़ कर आता,
सारा खज़ाना प्यार का,
तुझ पर श्याम लुटाता,
सोनू गौतम के सदा,
संग श्याम चलता है,
जब सांवरा साथ तेरे,
फिर काहे डरता है,
तेरे घर परिवार की,
श्याम फिक्र करता है।

Fikar | फिकर | Khatu Shyam Bhajan | तेरे घर परिवार की श्याम फिकर करता है by Sudhanshu Gutam ( Sonu) 

Singer & Writer: Sudhanshu Gutam ( Sonu)
Music: Honey Massey ( HM Music) 
Video: Sunil Creations - 7015282990
Category: Hindi Devotinal ( Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur 

जब जीवन में उनका साथ होता है तो भय, चिंता और अकेलापन स्वतः दूर हो जाते हैं। परिवार और प्रियजनों की सुरक्षा का जो भाव मन में जन्म लेता है, वह उनकी ममतामयी छत्रछाया की उपस्थिति से और दृढ़ हो जाता है। हर संकट में उनका आशीर्वाद और साथ ऐसा संबल प्रदान करता है, जो जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति देता है। उनके हाथों में शांति और प्रेम की अमूल्य धरोहर होती है, जो हर आंसू को पोछ कर हल्की मुस्कान ला देती है।

जीवन के इस समूचे जाल में जहां झूठे सम्बंध और दिखावटी रिश्ते आम हैं, वहीं उस सच्चे प्रेम का एहसास श्याम के साथ जुड़ा होता है। जहां सब नाते कमजोर लगें, वह रिश्ता अपराजेय और निरंतर बना रहता है। इस प्रेम में इतना बल होता है कि निराशा और हार भी आशा में बदल जाती है। यह प्रेम मोरछड़ी के रूप में, एक दिव्य उपहार की तरह, मनुष्य के भीतर आध्यात्मिक समृद्धि और अनंत खुशी प्रदान करता है। जब यह सहारा साथ हो, तब जीवन के हर पथ पर विश्वास और संतोष बना रहता है।  

यह भजन भी देखिये

Next Post Previous Post