मुझे नौकर रखले दादी झुंझनू धाम में भजन
मुझे नौकर रखले दादी झुंझनू धाम में भजन
कुछ और नहीं, मैं आया तुमसे माँगने,
मुझे नौकर रख ले, दादी, झुंझुनू धाम में।
तू लगा मुझे तेरी सेवा के काम में,
झुंझुनू धाम में, झुंझुनू धाम में।
कुछ और नहीं, मैं आया तुमसे माँगने,
मुझे नौकर रख ले, दादी, झुंझुनू धाम में।।
(अंतरा)
जो भी हो मर्जी तेरी, दे देना मुझको तनख्वाह,
इतनी कृपा तो करना, चल जाए घर का खर्चा।
मेरा हाथ ना फैले और किसी के सामने,
मेरा हाथ ना फैले और किसी के सामने।
झुंझुनू धाम में, झुंझुनू धाम में।
कुछ और नहीं, मैं आया तुमसे माँगने,
मुझे नौकर रख ले, दादी, झुंझुनू धाम में।।
जो सेठ माँगते तुमसे, क्यों उनका हुक्म बजाऊँ,
मैं करूँ चाकरी तेरी, और सबको ये बतलाऊँ।
मुझे काम दिया है, दादी ने दरबार में,
मुझे काम दिया है, दादी ने दरबार में।
झुंझुनू धाम में, झुंझुनू धाम में।
कुछ और नहीं, मैं आया तुमसे माँगने,
मुझे नौकर रख ले, दादी, झुंझुनू धाम में।।
ना शोहरत माँगूँ तुमसे, ना धन-दौलत और माया,
‘सोनू’ छोटी सी अर्जी, ये दिल में लेकर आया।
मैं आया अपना सब कुछ तुमपे वारने,
मैं आया अपना सब कुछ तुमपे वारने।
झुंझुनू धाम में, झुंझुनू धाम में।
कुछ और नहीं, मैं आया तुमसे माँगने,
मुझे नौकर रख ले, दादी, झुंझुनू धाम में।।
(अंतिम पुनरावृत्ति)
कुछ और नहीं, मैं आया तुमसे माँगने,
मुझे नौकर रख ले, दादी, झुंझुनू धाम में।
तू लगा मुझे तेरी सेवा के काम में,
झुंझुनू धाम में, झुंझुनू धाम में।
कुछ और नहीं, मैं आया तुमसे माँगने,
मुझे नौकर रख ले, दादी, झुंझुनू धाम में।।
Naukar Rakhle Dadi Jhunjhunu Dham Mein || Latest Rani Sati Dadi Bhajan 2020 || Saurabh Madhukar
Rani Sati Dadi Bhajan :- Kuchh Aur Nahi Main Aaya Tumse Maangne Mujhe Naukar Rakhle Dadi Jhunjhunu Dham Mein
Singer : Saurabh-Madhukar
Lyricist : Sunil Gupta (Sonu)
Music Label : Sur Saurabh Industries
Contact for Enquiries SM Team: 900-666-6665 | 74-500-55555
दादी माँ के धाम में सेवा का काम पा लें तो जीवन धन्य हो जाता है। बस इतनी सी अर्जी लेकर पहुँच जाओ कि नौकर रख लो, तनख्वाह जो भी मर्जी दो, घर का खर्च चल जाए बस। सेठों की चाकरी छोड़कर धाम के दरबार में लग जाओ, सबको बतलाओ कि दादी ने काम दिया है। न शोहरत चाहिए न धन-दौलत, अपना सब कुछ वार देकर सेवा में डूब जाओ। जैसे वो साधारण भक्त जो रोज़ धाम आकर झाड़ू लगाता, मन को अमिट सुकून मिला। ये सेवा हर बोझ हल्का कर देती है।
झुंझुनू धाम में दादी जी सबको बाहें फैलाकर बुलाते हैं, कोई खाली हाथ न लौटता। सेवा से तन-मन शुद्ध हो जाता, हर काम में आनंद मिलता। सोनू सी अर्जी दिल से कर लो, तो दरबार में जगह मिल जाती। आप सभी पर इश्वर का आशीर्वाद बना रहे। जय श्री दादी माँ जी की।
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