हरि नाम की माला जपले पलकी

इस राम भजन "हरि नाम की माला जपले" में, भक्त भगवान राम के नाम के महत्व को व्यक्त करता है। भजन में कहा गया है कि जो भक्त हमारे जीवन के एक पल का भी भरोसा नहीं होता है, इसलिए हमें राम नाम के नाम का सुमिरन करना चाहिए। नाम के बिना जीवन अधूरा होता है और सत्संग के बिना जीवन पूरा नहीं होता है। भजन में बताया गया है कि रिश्तेदार और मतलब के यार झूठे होते हैं, इसलिए उनसे मुँह लगाने से बचना चाहिए। जो व्यक्ति भगवान के नाम से प्रीत लगा लेता है और उसका सतगुरु रक्षा करता है, वह सच्चा इंसान है। भजन में कहा गया है कि भगवान ने हमारे तन को कितना प्यारा बनाया है और हमें माया, धन और सुख से दूर करने के लिए नाम को याद करना चाहिए। भजन में कहा गया है कि कर्मों के बिना नाम बेकार है और सेवा, व्रत, सुमिरन से भगवान के द्वार में मिलन की प्राप्ति होती है।

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हरि नाम की माला जपले पलकी

हरि नाम की माला जपले,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले,
पल की खबर नही,
अन्तरघट मन को मथ ले,
पल की खबर नही।

नाम बिना ये तेरा,
जीवन अधूरा है,
घाटा सत्संग बिना,
होता नही पूरा है,
तेरी बीती उमरिया सारी,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले,
पल की खबर नही।

रिश्तेदार सारे यहाँ,
मतलब के यार हैं,
क्यों मुँह लगाना ये तो,
झूठा संसार है,
प्रभु नाम से प्रीत लगा ले,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले,
पल की खबर नही।

पर उपकार करे जो,
वो सच्चा इंसान है,
नाम प्याला जिसने,
पिया वो महान है,
उसकी सतगुरु,
करे रखवाली,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले,
पल की खबर नही।

कितना प्यारा तन ये तेरा,
प्रभु ने बनाया है,
माया धन सुख में तूने,
नाम को भुलाया है,
गुरु शरन आ भूल सुधारी,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले,
पल की खबर नही।

कर्म कांड सारे बिना,
नाम के बेकार है,
सेवा व्रत सुमिरन प्रभु,
मिलन के द्वार है,
हरि नाम को तू अपना ले,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जप ले,
पल की खबर नही।



हरी नाम की माला जप ले पल की खबर नही | Hari Naam Ki Mala Jap Le | Satsangi BHajan | Nirgun Bhajan
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