मेरे तन में भी राम मेरे मन में भी राम

यह गीत राम भक्ति और भक्ति की उपासना को सुंदरता से व्यक्त करता है। इसमें लेखक ने अपने शब्दों के माध्यम से राम के नाम की महिमा और उसके महत्व को प्रशंसा की है। यह गाना राम के नाम की महत्वपूर्णता को प्रकट करता है और इसे भक्ति और उपासना के अभिव्यक्ति का एक उदाहरण माना जा सकता है। गीत में राम के नाम के माध्यम से सभी प्राणियों और वस्तुओं में भगवान की पहचान की बात की गई है। इस गीत में भक्ति की गहराई और व्यापकता को सुंदरता से व्यक्त किया गया है। इस गीत में राम के नाम की महिमा को गीतार्थ के माध्यम से व्यक्त किया गया है और इसे सुनकर श्रद्धालु भक्तों को उत्साह मिलता है।

Latest Bhajan Lyrics

मेरे तन में भी राम मेरे मन में भी राम

मेरे तन में भी राम,
मेरे मन में भी राम,
रोम रोम में समाया तेरा नाम रे,
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे।।

जैसे चंदा में राम,
जैसे सूरज में राम,
अम्बर तारो में समाया तेरा नाम रे,
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे।।

जैसे भीलनी के राम,
जैसे मीरा के श्याम,
नर नारी में समाया तेरा नाम रे,
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे।।

जैसे सीता के राम,
जैसे राधा के श्याम,
पत्ते पत्ते में समाया तेरा नाम रे,
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे।।

मेरे तन में भी राम,
मेरे मन में भी राम,
रोम रोम में समाया तेरा नाम रे,
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे।।



Mere Man Mein Bhi Ram Mere Tan Mein Bhi Ram

Next Post Previous Post