सब कृष्णा ने किया है
सब कृष्णा ने किया है
मटकी से माखन की चोरी,थामे सब सांसों की डोरी,
गोपी की बैयां मरोड़ी,
करदी तारों की चंदा से जोड़ी,
गोकुल में गैया चरावे,
दुनिया भी वही चलावे।
सब कृष्णा ने किया है,
कृष्णा ने किया है,
सब कान्हा ने किया है,
कान्हा ने किया है,
गोविंदा ने किया है,
सब कृष्णा ने किया है,
सब कृष्णा ने किया है।
हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
तुझसे कुछ कुछ शुरू है,
तुझसे चींटी की हार,
तू ही पहला गुरु है,
तू ही वेदो का सार,
सारी लीलाये तेरे बहाने,
हम सबके घर,
वापस हमको बुलाने।
नटखट सा मां को सताया,
खुद मे पुरा ब्रह्माण्ड दीखाया,
बंसी पे सबको नाचाया,
गोवर्धन ऊँगली से अपना उठा,
देखा जो देखा नहीं है,
सबका ही करन वही है।
सब कृष्णा ने किया है,
कृष्ण ने किया है,
सब कान्हा ने किया है,
कान्हा ने किया है,
गोविंदा ने किया है,
सब कृष्णा ने किया है,
सब कृष्णा ने किया है।
हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
Sab Krishna Ne Kiya Hai | Mohit Gaur | Dedicated to HDG A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada