तेरे द्वार खड़ा भगवान भक्त भरदे रे

तेरे द्वार खड़ा भगवान भक्त भरदे रे

तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे रे झोली,
तेरा होगा बड़ा एहसान,
के युग युग तेरी रहेगी शान।

डोल उठी है सारी धरती देख रे,
डोला गगन है सारा,
भीख मांगने आया तेरे घर,
जगत का पालनहारा,
मैं आज तेरा मेहमान,
कर के रे मुझ से जरा पहचान,
भक्त भर दे रे झोली,
तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे रे झोली।

आज लुटा दे रे सर्वस अपना,
मान ले रे कहना मेरा,
मिट जायेगा पल में तेरा,
जनम जनम का फेरा रे,
तू छोड़ सकल अभिमान,
अमर कर ले रे तू अपना दान,
भक्त भर दे रे झोली,
तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे रे झोली।

तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे रे झोली,
तेरा होगा बड़ा एहसान,
के युग युग तेरी रहेगी शान,
तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे रे झोली।
 



तेरे द्वार खड़ा भगवान bhagat bharde re jholi..Waman Avtar 1955_ Kavi Pradeep_Avinash Vyas..a tribute

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