साँचा है द्वार श्याम का इसमें वहम नहीं भजन

साँचा है द्वार श्याम का इसमें वहम नहीं भजन


बरसे धारा बरसे धारा बरसे धारा,
गुरु ऋषभ की याद में,
आंखों से ये बरसे धारा।

विरह की वेदना अब गुरुवर,
हमको है सताये,
कहो दिल की ये पीड़ा,
हम जाकर किसको सुनाये,
हर भक्त पे मानो डाल दिया है,
आज गमों ने डेरा,
बरसे धारा बरसे धारा बरसे धारा,
गुरु ऋषभ की याद में,
आंखों से ये बरसे धारा।

लूटाकर प्यार भक्तों पर,
कहा तुम चले गये,
खुशियों के बादल देखो,
गमों में ढल गये,
सुख का सूरज डूबा,
छाया दुखों का ये अंधियारा,
बरसे धारा बरसे धारा बरसे धारा,
गुरु ऋषभ की याद में,
आंखों से ये बरसे धारा।

पीयूष ये साथ है जन्मों का,
अब हम कैसे तोड़ें,
जिनचन्द्र प्रीत है तुमसे,
कैसे मुख ये मोड़ें,
गुरु ऋषभ पुकारे दिलबर,
हर भक्त ये आज तुम्हारा,
बरसे धारा बरसे धारा बरसे धारा,
गुरु ऋषभ की याद में,
आंखों से ये बरसे धारा।

बरसे धारा बरसे धारा बरसे धारा,
गुरु ऋषभ की याद में,
आंखों से ये बरसे धारा।



साँचा है द्वार श्याम का इसमें वहम नहीं Truly amazing Voice Akansha Sharma ji Khatu Shyam Bhajan2026

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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