झूला डाला कदंब की डाली रे भजन

झूला डाला कदंब की डाली रे भजन

 झूला डाला कदंब की डाली रे,
देवे जोटा श्याम, झूले राधा प्यारी रे।।
झूला डाला कदंब की डाली।।

लचके डाली में डाली है, रेशम की डोरी,
चांदी के पटरे पे बैठी, प्यारी राधा बोली।।
बांके-बांके कुंज बिहारी रे,
देवे जोटा श्याम, झूले राधा प्यारी रे।।
झूला डाला कदंब की डाली।।

हर झोटे में छम-छम बाजे, राधा की पायलियां,
पवन करे अति खेली आके, भर-भर उड़ें चुनरियां।।
रुत ये आई है मतवाली रे,
झूला डाला कदंब की डाली।।
देवे जोटा श्याम, झूले राधा प्यारी रे।।

नन्हे-नन्हे पड़े हैं गुड़िया, छाई है हरियाली,
पीहू-पीहू बोले पपीहा, और कोयलियां काली।।
गा के गीत बड़े मनुहारी रे,
देवे जोटा श्याम, झूले राधा प्यारी रे।।
झूला डाला कदंब की डाली।।

प्रेम के रंग भीगे मोहन, भीगे राधा रानी,
श्याम सलोने भए दीवाने, राधा भए दीवानी।।
लागे ये जोड़ी तो न्यारी रे,
देवे जोटा श्याम, झूले राधा प्यारी रे।।
झूला डाला कदंब की डाली।।


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