शेरावाली मैया को भजले तू उद्धार हो जाए

शेरावाली मैया को भजले तू उद्धार हो जाए

(मुखड़ा)
शेरावाली मैया को भज ले,
तू उद्धार हो जाए,
जो भी माँ के दर पे जाए,
बेड़ा पार हो जाए,
जो भी माँ के दर पे जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।

(अंतरा 1)
शेरावाली मैया की महिमा निराली,
वो भरती है झोली खाली,
हरती है दुख मैया सब भक्तों का,
जो बन के आए सवाली,
माँ की ममता बड़ी ही निराली है,
उनकी सूरत बड़ी भोली-भाली है,
किस्मत वाला है जिसको,
माँ से प्यार हो जाए,
जो भी माँ के दर पे जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।

(अंतरा 2)
शेर की सवारी, मैया चुनड़ी है लाल,
कहलाती है माँ जग जननी,
भक्तों के दुख को दूर करे,
कहते हैं उसे दुख हरनी,
जो भी माँ के शरण में आते हैं,
मनचाही मुरादें वो पाते हैं,
माँ की नज़र हो जिसपे,
मालामाल हो जाए,
जो भी माँ के दर पे जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।

(पुनरावृत्ति)
शेरावाली मैया को भज ले,
तू उद्धार हो जाए,
जो भी माँ के दर पे जाए,
बेड़ा पार हो जाए,
जो भी माँ के दर पे जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।
 


शेरावाली मैया को भजले तू उद्धार हो जाए...By Dhiraj Kant.. 8010788843
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