तृष्णा ना जाये मन से मथुरा वृन्दावन सघन भजन

तृष्णा ना जाये मन से मथुरा वृन्दावन सघन भजन

तृष्णा ना जाये मन से,
मथुरा वृन्दावन सघन,
और यमुना के तीर,
धन्य धन्य माटी सुघर,
धन्य कालिंदी नीर।
कृष्णा बोलो कृष्णा,
हरे कृष्णा राधे कृष्ण।

तृष्णा ना जाए मन से,
कृष्णा ना आये मन में,
जतन करूँ मैं हजार,
कैसे लगेगी नईया पार,
घनश्याम जी,
कैसे लगेगी नैया पार।

इक पल माया साथ ना छोड़े,
जिधर जिधर चाहे मुझे मोड़े,
हरी भक्ति से हरी पूजन से,
मेरा रिश्ता नाता तोड़े,
माया ना जाये मन से,
भक्ति ना आये मन में,
जीवन ना जाये बेकार,
कैसे लगेगी नैया पार,
घनश्याम जी,
कैसे लगेगी नैया पार।

क्षमा करो मेरे गिरिवर धारी,
चंचलता मन की लाचारी,
लगन जगा दो मन में स्वामी,
तुम हो प्रभु जी अंतर्यामी,
मन ना बने अनुरागी,
भावना बने ना त्यागी,
दया करो करतार,
कैसे लगेगी नैया पार,
घनश्याम जी,
कैसे लगेगी नैया पार।

तृष्णा ना जाए मन से,
कृष्णा ना आये मन में,
जतन करूँ मैं हजार,
कैसे लगेगी नैया पार,
घनश्याम जी,
कैसे लगेगी नैया पार।


Trushna Na Jaye
भक्ति की दुनिया में "तृष्णा" एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। तृष्णा का अर्थ है "लालसा, इच्छा, या आकांक्षा"। यह एक ऐसी चीज है जो मनुष्यों को प्रेरित करती है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। हालांकि, तृष्णा कभी-कभी हानिकारक भी हो सकती है, अगर यह अत्यधिक या अनियंत्रित हो जाए।
 
मन में तृष्णा बुझती ही नहीं। मथुरा-वृंदावन की वह सघन हरियाली, यमुना का किनारा और कालिंदी का पावन नीर याद आता रहता है। धन्य है वो मिट्टी और धन्य है वो जल, जहाँ घनश्याम खेलते थे। फिर भी मन कृष्णा नाम से नहीं भरता। हजार जतन करने पर भी नईया पार लगने का भरोसा नहीं होता। माया एक पल भी साथ नहीं छोड़ती। जिधर चाहे उधर मोड़ देती है। भक्ति और पूजन से रिश्ता तोड़ने की कोशिश करती रहती है। मन अनुरागी नहीं बन पाता, भावना त्यागी नहीं हो पाती। चंचलता और लाचारी मन को अपनी गिरफ्त में लिए रहती है।

हे गिरिवर धारी, अंतर्यामी प्रभु, क्षमा कर दो। मन में लगन जगा दो, अनुराग भर दो। तृष्णा मिटा दो और भक्ति का बीज बो दो। बिना तेरी दया के यह नाव कैसे पार लगेगी। जब घनश्याम जी मन में बस जाते हैं तो तृष्णा खुद-ब-खुद शांत हो जाती है। माया का जाल टूटने लगता है और जीवन सार्थक लगने लगता है। बस एक बार उनकी कृपा हो जाए तो सारी चिंताएँ दूर हो जाती हैं और नईया आसानी से पार लग जाती है।
आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की। 
 
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