गिरिराज धरण की जय लिरिक्स
गिरिराज धरण की जय,
ना कोई चिंता ना कोई भय,
गिरिराज धरण की जय,
ना कोई चिंता ना कोई भय।
दर्शन परसन और परिक्रमा,
अद्भुत गोवर्धन की गरिमा,
महिमा अवर्णीय है,
ना कोई चिंता ना कोई भय,
गिरिराज धरण की जय,
ना कोई चिंता ना कोई भय।
गोवर्धन है देव हमारो,
ब्रज रक्षक है पालनहारो,
ब्रजदेव हरे सब भय,
ना कोई चिंता ना कोई भय,
गिरिराज धरण की जय,
ना कोई चिंता ना कोई भय।
नंदनंदन गिरिराज उठायो,
ब्रज को छप्पन भोग लगायो,
इंद्रदेव शरण पड़यो है,
ना कोई चिंता ना कोई भय,
गिरिराज धरण की जय,
ना कोई चिंता ना कोई भय।
मधुप गोवर्धन के गुण गाओ,
फल चारों गिरिराज से पाओ,
ये बात सर्वसिद्ध है,
ना कोई चिंता ना कोई भय,
गिरिराज धरण की जय,
ना कोई चिंता ना कोई भय,
ना कोई चिंता ना कोई भय।
गिरिराज धरण की जय,
ना कोई चिंता ना कोई भय,
गिरिराज धरण की जय,
ना कोई चिंता ना कोई भय।
गिरिराज धरण हम तेरी शरण | Giriraj Dharan Hum Teri Sharan | Krishna Bhajan | Ravinandan Shastri Ji
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