जबसे किया है पार, खाटू का तोरण द्वार, और मिला तेरा दरबार, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है।।
पहले था लाचार, करता था सोच-विचार, अब मिल रहा सबका प्यार, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है।।
जाते हैं श्याम कुंड में,
डुबकी जो मैंने लगाई, जीवन के हर पापों से, मुक्ति है मैंने पाई, खाटू की माटी में ही, मेरा सारा संसार, जबसे किया है पार, खाटू का तोरण द्वार, और मिला तेरा दरबार, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है।।
दर्शन के लिए अभिलाषा, जब मैंने कदम बढ़ाया, मंदिर के रस्ते मैंने,
Khatu Shyam Ji Bhajan Lyrics in Hindi
हर शख्स में तुझको पाया, पड़ी नज़रें जब शिखर पर, बजे मन वीणा के तार, जबसे किया है पार, खाटू का तोरण द्वार, और मिला तेरा दरबार, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है।।
ग्यारस का पावन दिन था, भक्तों की लंबी कतारें, कानों में सुनाई पड़े फिर, हर तरफ तेरे जयकारे, करी चौखट पार मैंने,
और हुआ तेरा दीदार, जबसे किया है पार, खाटू का तोरण द्वार, और मिला तेरा दरबार, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है।।
भक्तों के संग कीर्तन में, 'शानू' ने रात बिताई, 'पारस' की धोक लगाकर, फिर 'शिवम' ने माँगी बिदाई, लगा मुझको कहे बाबा, आते रहना हर बार, जबसे किया है पार, खाटू का तोरण द्वार, और मिला तेरा दरबार, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है।।
जबसे किया है पार, खाटू का तोरण द्वार, और मिला तेरा दरबार, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है, बदली मेरी दुनिया है।।
जबसे किया है पार खाटू का तोरण द्वार | New Shyam Bhajan | by Kumar Shanu | Audio