सुनो सुनो जग वालो दत्तात्रेय उपदेश भजन

सुनो सुनो जग वालो दत्तात्रेय उपदेश भजन

सुनो सुनो जग वालो,
दत्तात्रेय उपदेश,
दीक्षा गुरू हो एक,
जीवन में शिक्षा गुरू अनेक।

प्रारब्ध अनुसार ही मिलता,
मानव जन्म विशेष,
करता जा शुभ कर्म तु बन्दे,
रहो जग से निरलेप,
अन्तर्यामी ईश्वर हरि,
हर कर्म रहा है देख,
सुनो सुनो जग वालो,
दत्तात्रेय उपदेश।

आशा तृष्णा धन का संग्रह,
अरू जगत मोह माया,
विषय भोग अरू नित नारी संग,
गाले कंचन काया,
भज गोविन्दम्,
भज गोविन्द ही सुख देत,
सुनो सुनो जग वालो,
दत्तात्रेय उपदेश।

जग की हर जड़ चेतन वस्तु,
में है अद्भुत ज्ञान,
छुपे हुए इस ज्ञान को विरला,
गुरूजन ही सके जान,
गुरू ही हर उलझन सुलझावे,
काटै कष्ट कलेश,
सुनो सुनो जग वालो,
दत्तात्रेय उपदेश।

शब्द स्पर्श रूप रस गन्ध,
है पांच विषय जग माहिं,
मधुप हरि इन पांचो से ही,
गुरू बिना गति नाहिं,
चौबीस गुरूओं की दत्तात्रेय,
ली इसी लिये टेक,
सुनो सुनो जग वालो,
दत्तात्रेय उपदेश।

श्री गुरु दत्तात्रेय भगवान की स्तुति

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.

इस स्तुति को सायकाल मे बोलने या सुनने से घर की दरिद्रता 
कोसो दूर हो जाती है 
ऐसी ओर जानकरीके लिए इस चैनल को 
Like ,share, subscribe जरूर करे 
ओर नई जानकारी के लिए coment बॉक्स में दे सकते है
यह हमारे समाज का सेनल है और आगे बढ़ाए
ॐ नमो नारायण
 
जिंदगी में एक सच्चा गुरू मिल जाए तो राह आसान हो जाती है। दीक्षा तो एक ही गुरू से लेनी पड़ती है, लेकिन शिक्षा हर तरफ से मिलती रहती है। प्रारब्ध के हिसाब से यह मानव जन्म मिला है, इसलिए अच्छे काम करते जाओ और दुनिया से अलग-थलग रहो। हर काम अंदर रहने वाले ईश्वर देख रहे हैं, कुछ भी छिपा नहीं रहता। बस शुभ कर्मों में लगे रहो, तो सब ठीक होता चला जाता है।
धन इकट्ठा करने की लालच, माया-मोह और विषय-भोग में फंसकर मत रहो। इन सबसे दूर रहकर गोविंद का नाम जपो, वही असली सुख देता है। दुनिया की हर चीज, चाहे जड़ हो या चेतन, उसमें अद्भुत ज्ञान छिपा है। विरले ही लोग उसे पहचान पाते हैं, और गुरूजन ही उस उलझन को सुलझा देते हैं। शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध जैसे पाँच विषयों से बचकर गुरू की राह पर चलो, तभी सही गति मिलती है।
श्री दत्तात्रेय जी ने चौबीस गुरुओं से सीखा था – पृथ्वी से धैर्य, हवा से निरासक्ति, पानी से पवित्रता, आग से समान दृष्टि और आकाश से व्यापकता। उन्होंने प्रकृति, जानवरों और साधारण लोगों से भी ज्ञान लिया। गुरू के बिना इन पाँच विषयों से मुक्ति नहीं मिलती। जब दिल से नाम लेते हो और सच्चे रास्ते पर चलते हो, तो कष्ट और क्लेश खुद-ब-खुद कटने लगते हैं।
ऐसा ज्ञान पाकर जीवन हल्का हो जाता है। छोटी-छोटी चीजों में भी ईश्वर का हाथ दिखने लगता है। सब कुछ एक ही सत्य की ओर इशारा करता है।
आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री दत्तात्रेय जी की। 

ऐसे ही अन्य मधुर भजन (होम पेज ) देखें

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

अपने पसंद का भजन (भजन केटेगरी) खोजे

Next Post Previous Post