तोरी मुरलियां जब जब बाजे कृष्ण भजन
तोरी मुरलियां जब जब बाजे कृष्ण भजन
तोरी मुरलियां जब जब बाजे,
मन का मयूरा छम छम नाचे,
मुरली तोरी रुलाये,
सांवरिया काहे बाज ना आये।
मुरली तेरी भई मेरी सौतन,
जो बहलाये सदा तोरा मन,
तुझसे ये दूरी सही ना जाये,
कोई मिटाये मेरी उलझन,
याद मैं तेरी खोई रहूं मैं,
अब तेरी प्रीत सताये,
सांवरिया काहे बाज ना आये।
एक झलक आके दिखलादे,
मेरे मन की पीड़ा मिटा दे,
तुम बिन जीवन सूना सूना,
ऐसी तू ना मुझ को सजा दे,
लोग कहे मोहे तेरी दीवानी,
कैसे इन्हे समझाये,
सांवरिया काहे बाज ना आये।
तोरी लगन मैं खोई रहूं मैं,
कैसे दिल का दर्द सहूं मैं,
मन व्यथा कोई ना जाने,
कुछ ना अपने मुख से कहूं,
केवल नैना हुऐ बावरे,
रो रो अश्क़ बहाये,
सांवरिया काहे बाज ना आये।
मन का मयूरा छम छम नाचे,
मुरली तोरी रुलाये,
सांवरिया काहे बाज ना आये।
मुरली तेरी भई मेरी सौतन,
जो बहलाये सदा तोरा मन,
तुझसे ये दूरी सही ना जाये,
कोई मिटाये मेरी उलझन,
याद मैं तेरी खोई रहूं मैं,
अब तेरी प्रीत सताये,
सांवरिया काहे बाज ना आये।
एक झलक आके दिखलादे,
मेरे मन की पीड़ा मिटा दे,
तुम बिन जीवन सूना सूना,
ऐसी तू ना मुझ को सजा दे,
लोग कहे मोहे तेरी दीवानी,
कैसे इन्हे समझाये,
सांवरिया काहे बाज ना आये।
तोरी लगन मैं खोई रहूं मैं,
कैसे दिल का दर्द सहूं मैं,
मन व्यथा कोई ना जाने,
कुछ ना अपने मुख से कहूं,
केवल नैना हुऐ बावरे,
रो रो अश्क़ बहाये,
सांवरिया काहे बाज ना आये।
Tori Murliya | Radhika Gargi | Latest Sri Krishna Bhajan | Popular Shri Krishna Bhajan तोरी मुरलिया
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Title: Tori Murliya
Singer: Radhika Gargi
Music: Bijender Chouhan
Lyrics: Kewal Vinayak
Video: Parveen Gupta
Label: Divya Bhajanmala
Singer: Radhika Gargi
Music: Bijender Chouhan
Lyrics: Kewal Vinayak
Video: Parveen Gupta
Label: Divya Bhajanmala
तोरी मुरली जब बजती है तो मन का मयूर छम-छम नाचने लगता है। फिर भी सांवरिया, काहे बाज नहीं आते? मुरली तेरी मेरी सौतन बन गई है, जो सदा तेरा मन बहलाती रहती है। इस दूरी को अब सहा नहीं जाता। याद में खोई रहती हूं, प्रीत सताती है, कोई मेरी उलझन मिटाए। एक झलक आकर दिखला दो, मन की पीड़ा मिटा दो। तुम बिन जीवन सूना-सूना लगता है। ऐसी सजा ना दो। लोग कहते हैं मैं तेरी दीवानी हूं, कैसे समझाऊं उन्हें।
तेरी लगन में खोई रहती हूं, दिल का दर्द कैसे सहूं। मन की व्यथा कोई नहीं जानता। मुख से कुछ कह नहीं पाती, केवल नैन बावरे हो गए हैं। रो-रोकर आंसू बहाती हूं। सांवरिया, अब तो आ जाओ। मुरली की धुन सुनकर भी दूर क्यों खड़े हो? एक बार आकर गले लगा लो, ताकि यह तड़प शांत हो जाए और मन को सुकून मिल जाए।
तेरी लगन में खोई रहती हूं, दिल का दर्द कैसे सहूं। मन की व्यथा कोई नहीं जानता। मुख से कुछ कह नहीं पाती, केवल नैन बावरे हो गए हैं। रो-रोकर आंसू बहाती हूं। सांवरिया, अब तो आ जाओ। मुरली की धुन सुनकर भी दूर क्यों खड़े हो? एक बार आकर गले लगा लो, ताकि यह तड़प शांत हो जाए और मन को सुकून मिल जाए।
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