सतगुरु जी मिलबा चालो भजन
सतगुरु जी मिलबा चालो ,सज सोलहा सिणगार।
सज सोलहा सिणगार ये ,लो फुला वालो हार।
सायब जी मिलबा चालो ,सज सोलहा सिणगार।
गैर गुमारो पेर घागरो ,ओढ़ लो देखनी रो चीर।
हरी नाम की हल्दी लगाले ,मेरे सायब या रो नाम।
सतगुरु जी मिलबा चालो ,सज सोलहा सिणगार।
मारा गुरूजी बड़ा दयालु ,जग तारण जगदीश।
कुकर्मा ने दूर करे गुरु ,दे माने उपदेश।
सतगुरु जी मिलबा चालो ,सज सोलहा सिणगार।
मोह माया ने दूर करे गुरु ,मारे कलेजे बाण।
कागा ने गुरु हंस बनावे ,दे सतगुरु वालो ज्ञान।
सतगुरु जी मिलबा चालो ,सज सोलहा सिणगार।
पांच चोर ने दूर भगावे ,मन में धरे है धीर।
मार मार कर मनक बनावे ,कर दे बेडा पार।
सतगुरु जी मिलबा चालो ,सज सोलहा सिणगार।
राज पूरी जी सतगुरु मिलिया ,कर दिया भव से पार।
लादू पूरी सिंदेसर वाले ,गुरु की महिमा गाय।
सतगुरु जी मिलबा चालो ,सज सोलहा सिणगार।
सतगुरु जी से मिलबा चालो ! Satguru Ji Se Milba Chalo Saj Solah Singar ! Ladu Puri Bhajan ! GuruMahima
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