तेरा बणया चुरमा देशी घी में आके भोग लगाइये
तेरा बणया चुरमा देशी घी में आके भोग लगाइये
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
तेरे नाम का करया जागरण,
एक ब आणा होगा।
मात सीता और लखन राम को,
संग में ल्याणा होगा।
कुछ दिन डट के जाणा होगा,
कुछ दिन डट के जाणा होगा,
और मन्नै के चाहिये हो।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
इतना त मन्नै भी बेरा,
काम बहुत तन्नै घाटे में।
दूर-दूर त आवें दुखिया,
के फायदा तन्नै नाटे में।
काम चले ना नाटे में,
काम चले ना नाटे में,
दो दिन डट कर जाइये हो।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
सोवण दे ना मन्नै रात ने,
घर में ओपरी छाया।
भूत-प्रेत का करै खात्मा,
न्यूँ तेरे दर आया।
दुख भारी स काया मेरी,
दुख भारी स काया मेरी,
एक ब गदा घुमाइये हो।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
हो बालाजी तेरे मंदिर में,
आज लाग रह्या जयकारा।
गुरु रामसिंह, नरेंद्र कौशिक,
तेरे मंदिर आ रे।
कप्तान शर्मा ने संग में ल्यारे,
कप्तान शर्मा ने संग में ल्यारे,
उस त ज्ञान सिखाइये हो।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
तेरे नाम का करया जागरण,
एक ब आणा होगा।
मात सीता और लखन राम को,
संग में ल्याणा होगा।
कुछ दिन डट के जाणा होगा,
कुछ दिन डट के जाणा होगा,
और मन्नै के चाहिये हो।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
इतना त मन्नै भी बेरा,
काम बहुत तन्नै घाटे में।
दूर-दूर त आवें दुखिया,
के फायदा तन्नै नाटे में।
काम चले ना नाटे में,
काम चले ना नाटे में,
दो दिन डट कर जाइये हो।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
सोवण दे ना मन्नै रात ने,
घर में ओपरी छाया।
भूत-प्रेत का करै खात्मा,
न्यूँ तेरे दर आया।
दुख भारी स काया मेरी,
दुख भारी स काया मेरी,
एक ब गदा घुमाइये हो।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
हो बालाजी तेरे मंदिर में,
आज लाग रह्या जयकारा।
गुरु रामसिंह, नरेंद्र कौशिक,
तेरे मंदिर आ रे।
कप्तान शर्मा ने संग में ल्यारे,
कप्तान शर्मा ने संग में ल्यारे,
उस त ज्ञान सिखाइये हो।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
तेरा बन्या चूरमा देशी घी में,
आके भोग लगाइये हो।
परमानेंट रह घाटे में,
मेरे घर भी आइये हो।।
बालाजी का चुरमा हनुमान भजन नरेन्द्र कौशिक
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Admin - Saroj Jangir
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