नाम में धरियो कछु ना भाई सोंग

नाम में धरियो कछु ना भाई भजन

नाम में धरियो कछु ना भाई भजन

नाम में धरियो कछु न भाई
कर्मा में लिखियोड़ा मिलसी
शुभ कर्म सदा सुखदाई।

एक गांव में एक बाई के
नाम की आपत आई
ठन ठन पाल है नाम पती का
नाम न मन में भाई।

नाम के कारण छोड़ पती को
चली पीहर के ताई
रस्ते में एक अमर नाम का
मरिया मसाना जाई।

अमरा जी तो अमर हुआ नहीं
चिंता मन में छाई
धनराज जाका नाम कहावे
मांग मांग कर खाई।

उजड़ बणी में छाना बिनती
एक आवाज लगाई
जांबा वाली जालों उच्चादे
बर्जे लछमी बाई।

अमरा मरिया देखिया जी
धन जी मांग न खाई
लछमी छाना बीने
ठन ठन पाल ही ठीक है भाई।

कर्म करे सो करे न कोई
कर्म बड़ा जग माई
कहे शानू कर्मा का लिखिया
मेट सके न कोई।

नाम में धरियो कछु न भाई
कर्मा में लिखियोड़ा मिलसी
शुभ कर्म सदा सुखदाई।


निर्गुणी भजन नाम में धरियों कछु ना भाई शांति लाल रेगर #rajsound ghatiyawali 9549040206 Babul Daiyo Na Desh Videsh Bundeli Vidai Geet

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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