जिंदगी छोटी मिली है खुश रहो हर हाल में

जिंदगी छोटी मिली है खुश रहो हर हाल में


जिंदगी छोटी मिली है खुश रहो हर हाल में Jindagi Chhoti Mili Hai Bhajan Lyrics

जिंदगी छोटी मिली है,
खुश रहो हर हाल में,
खुश रहो हर हाल में,
तुम खुश रहो हाल में।

जो हुआ हासिल उसी में,
मस्त हो अलमस्त हो,
बंदे उतना ही मिलेगा,
जो लिखा तेरे भाग्य में,
जिंदगी छोटी मिली है,
खुश रहो हर हाल में।

खुशियों में हर पल बिताना,
जिंदगी का नाम है,
खुल के हंसले आज प्यारे,
क्या पड़ा जंजाल में,
जिंदगी छोटी मिली है,
खुश रहो हर हाल में।

सांसों की सरगम पे रब के,
नाम की माला जपो,
क्या पता प्रभु दे दिखाई,
सांसों की सुर ताल में,
जिंदगी छोटी मिली है,
खुश रहो हर हाल में।

बीता कल जो जा चुका है,
बंदे यादें हैं बची,
आने वाला कल छुपा है,
वक्त के ही काल में,
जिंदगी छोटी मिली है,
खुश रहो हर हाल में।

जिंदगी छोटी मिली है,
खुश रहो हर हाल में,
खुश रहो हर हाल में,
तुम खुश रहो हाल में।


जिंदगी छोटी मिली है खुश रहो हर हाल में | Jindagi Choti Mili Hai | Chetawani Bhajan | Kajal Malik


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■ Title ▹ Jindagi Choti Mili Hai Khush Raho Har Haal Mein
■ Artist ▹ Priyanka
■ Singer ▹Kajal Malik
■ Music ▹ Pardeep Panchal
■ Lyrics & Composer ▹ Traditional
■ Editing ▹ Max Ranga
■ Cameraman ▹ Gulshan Bawa


मानव जीवन अनमोल है, परंतु छोटा है, इसलिए उसे प्रभु के नाम के स्मरण और आनंद के साथ जीना चाहिए। जो कुछ भाग्य में लिखा है, उसी में संतुष्ट होकर मस्त रहना और हर पल को खुलकर हँसते हुए बिताना ही जीवन का सच्चा अर्थ है। सांसों की सरगम पर प्रभु का नाम जपने से न केवल मन शांत होता है, बल्कि प्रभु के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हो सकता है। यह रचना सिखाती है कि बीता हुआ कल केवल यादों में रहता है और आने वाला कल अनिश्चित है, इसलिए वर्तमान को प्रभु की भक्ति और आनंद में जीना ही बुद्धिमानी है।


संसार के जंजालों में उलझने से जीवन का सुख नष्ट हो जाता है, जबकि प्रभु के नाम की माला जपने से हृदय में शांति और आनंद का संचार होता है। यह जीवन एक संक्षिप्त यात्रा है, जिसमें सुख-दुख, छाया-धूप आते-जाते रहते हैं, परंतु प्रभु का स्मरण ही वह स्थिर आधार है जो हर हाल में मन को प्रसन्न रखता है। जो व्यक्ति अपने भाग्य में प्राप्त सुखों में अलमस्त रहता है और हर साँस में प्रभु का नाम लेता है, वह न केवल इस जीवन को सार्थक बनाता है, बल्कि परम शांति और प्रभु की कृपा का पात्र भी बनता है। 

कबीर दास के अनुसार, जीवन में सच्ची खुशी और प्रसन्नता का रहस्य बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि हमारे अंदर छिपा है। वे कहते हैं कि हमें सादा जीवन जीना चाहिए, दिखावे और भौतिक चीज़ों के पीछे भागने से बचना चाहिए। जो कुछ हमारे पास है, उसमें संतोष करना ही मन को शांति देता है। कबीर ने हमेशा मीठी वाणी बोलने पर जोर दिया, क्योंकि यह न सिर्फ दूसरों को खुशी देती है बल्कि हमारे मन को भी शांत रखती है। इसके साथ ही, जीवन के हर पहलू में ईश्वर पर अटूट विश्वास रखना और अपने कर्म को पूरी ईमानदारी से करना ही हमें भीतर से मजबूत और प्रसन्न बनाता है। संक्षेप में, कबीर के अनुसार, सच्चा आनंद पाने के लिए हमें अपनी इच्छाओं को नियंत्रित करना, दूसरों के प्रति दयालु होना और परमात्मा के प्रति समर्पित रहना चाहिए। 

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