मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग

मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग

मुखड़ा
जाने दे रे कान्हा, ना कर मोहे तंग,
मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग।
अरे मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग।।

अंतरा १
पिछले बरस की होली याद है सबको,
कितना सताया कान्हा तूने मुझको।
फिर से ले आया तू होली के वही रंग,
मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग।
अरे मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग।।

अंतरा २
अब ना चलेगा तेरा कोई बहाना,
दूर ही रहना, मेरे पास ना आना।
पास आके कान्हा, ना छूना मेरा अंग,
मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग।
अरे मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग।।

अंतरा ३
कैसे मैं जाने दूँ तुझको गोरी,
कैसे मैं छोड़ूँ तेरी चुनर कोरी।
कोरी तेरी चुनर पे लगाऊँ आज रंग,
मैं तो खेलू होली ओ राधा तेरे संग।
अरे मैं तो खेलू होली ओ राधा तेरे संग।।



मैं ना खेलू होली ओ कान्हा तेरे संग (होली भजन 2025) #priyanjaykeshyambhajan #holi2025 #holibhajan2025

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स, आध्यात्मिक भजन, गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें।

Next Post Previous Post