ईतरी चाही तो थाने आगे भी चाहूंला
ईतरी चाही तो थाने आगे भी चाहूंला
अर ईतरी चाही तो थाने आगे भी चाहूंला
अर एकर टूट्यो तो दिलड़ो फिर ना जूड़ेला,
म्हासू अब तूं भी यारा अळगो रेवेला।
अर में तो थारो हूं साथी थारो रेऊंला,
दिलड़ो टूट्यो तो मोहब्बत कम ना होवेला।
अर म्हारे नैणा रा आसूं कदी ना सुखेला,
थारे बिना म्हारा यारा कुण तो पूंछेला।
अर थासूं तो ज्यादा दुखड़ो म्हाने होवेला,
सागे रेवा ने केठा कुण तो मिलेला।
अर म्हासू तो ज्यादा थाने कोई ना समझेला,
मिलगी कोई अच्छी थाने म्हाने भूल जाओला।
अर म्हारे खातिर तो अच्छी तूं ही रेवेला,
मरके भी थाने में तो कभी ना भूलूंला।
अर छूप छूप मिल्यां तो दुनिया बाता करेला,
जाके बोल्यो तो घर में वे भी लड़ेला।
अर थोड़े दिना में थारी शादी हो जावेला,
बिना मोहब्बत रो प्रेमी थाने ले जावेला।
अरे यार रोवो क्यामी हो थे थाने ध्यान है नी,
मैं थारी राधा हूं और थे म्हारा कान्हा जी।
हूं ध्यान है पण रोणो तो आवे यार,
सुणों जाणे सूं पेला एक बार,
गळे तो लगा लेवो यार।
अर ईतरी चाही तो थाने आगे भी चाहूंला,
थाने अकेलो छौड़ कठे ना जाऊंला।
अर अगले जन्मा री किस्मत थाने लिखाऊंला,
केवे यो K L Sharma थाने ही पाऊंला।
अर एकर टूट्यो तो दिलड़ो फिर ना जूड़ेला,
म्हासू अब तूं भी यारा अळगो रेवेला।
अर में तो थारो हूं साथी थारो रेऊंला,
दिलड़ो टूट्यो तो मोहब्बत कम ना होवेला।
अर म्हारे नैणा रा आसूं कदी ना सुखेला,
थारे बिना म्हारा यारा कुण तो पूंछेला।
अर थासूं तो ज्यादा दुखड़ो म्हाने होवेला,
सागे रेवा ने केठा कुण तो मिलेला।
अर म्हासू तो ज्यादा थाने कोई ना समझेला,
मिलगी कोई अच्छी थाने म्हाने भूल जाओला।
अर म्हारे खातिर तो अच्छी तूं ही रेवेला,
मरके भी थाने में तो कभी ना भूलूंला।
अर छूप छूप मिल्यां तो दुनिया बाता करेला,
जाके बोल्यो तो घर में वे भी लड़ेला।
अर थोड़े दिना में थारी शादी हो जावेला,
बिना मोहब्बत रो प्रेमी थाने ले जावेला।
अरे यार रोवो क्यामी हो थे थाने ध्यान है नी,
मैं थारी राधा हूं और थे म्हारा कान्हा जी।
हूं ध्यान है पण रोणो तो आवे यार,
सुणों जाणे सूं पेला एक बार,
गळे तो लगा लेवो यार।
अर ईतरी चाही तो थाने आगे भी चाहूंला,
थाने अकेलो छौड़ कठे ना जाऊंला।
अर अगले जन्मा री किस्मत थाने लिखाऊंला,
केवे यो K L Sharma थाने ही पाऊंला।
राजस्थान के लोकगीतों में राजस्थान की संस्कृति की झलक दिखाई देती है। राजस्थान के लोकगीतों में सौंदर्य और भावनात्मक जुड़ा होता है। इसके साथ ही प्रेम, विरह, संस्कृति और भक्ति की अनुपम छवि मिलती है। इस राजस्थानी लोकगीत में प्रेम भाव के साथ-साथ सामाजिक सीमाओं को भी दिखाया गया है। इसमें भावनाओं का अद्भुत मिश्रण दिखाया गया है। लोकगीतों में समाज के नियमों को रीति-रिवाज को बहुत माना गया है। राजस्थान के लोकगीतों में प्रेम को अमर माना है। राजस्थानी लोकगीतों में प्रेम, समाज और परंपराओं का सुंदर भाव देखने को मिलता है। यह गीत भी इसी परंपरा का एक उदाहरण है, जिसमें प्रेम की गहराई, सामाजिक संघर्ष और पुनर्मिलन की आशा को बड़ी खूबसूरती से दिखाया गया है।
Song : Etari Chahi To Thane Aage Bhi Chahula
Singer : Bablu Ankiya & Rashmi Nishad
Lyrics : K L Sharma
Singer : Bablu Ankiya & Rashmi Nishad
Lyrics : K L Sharma
Rajasthani Song 2025 | इतरी चाही तो थाने आगे भी चाहूंला | Bablu Ankiya - Rashmi | Love Story Song
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Author - Saroj Jangir
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