झांजर कीन्हे छुपाई आज मेरे मोहन दी

झांजर कीन्हे छुपाई आज मेरे मोहन दी


चांदी दी मैं झांझर लियाई, सोने दी पार्ट चढ़ाई,
मुहूर्त देखकर मैं श्याम दे पैरी पाई।
श्याम मेरा नचदा फिरे, जय हो,
श्याम मेरा खुश हो फिरे, जय हो,
झांझर कीन्हे...

रिरड़ा रिरड़ा श्याम मेरा जद वेहड़े दे विच आया,
पैरी झांझर ना देख के दिल मेरा घबराया।
श्याम मेरा रौंदा जावे, जय हो,
श्याम नू चुप कराओ, जय हो,
श्याम मेरा चुप न होवे, जय हो,
झांझर कीन्हे...

दौड़ी दौड़ी एक सहेली यशोदा दे कोल आई,
झोली विचों कड के झांझर शाम दे पैरी पाई।
झांझर लब लियाईं, जय हो,
श्याम मेरा नचदा फिरे, जय हो,
श्याम मेरा खुश हो फिरे, जय हो...


झांझर किन्हें छुपाई मेरे मोहन दी with lyrics कीर्तन में रौनक वाला भजन‎@achieversbhaktiras

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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