खाटू चाल मेरा भरतार दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी भजन
खाटू चाल मेरा भरतार दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी भजन
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
काईं मांगे तू जमाने सूं,
माँगे तो मांग, मोटे सेठ सूं,
है बाबो मेरो बड़ो दातार,
तेरी दुनिया तो नुगरी रे नुगरी,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
माथो टेक खाटू श्याम के,
बावळा टूटे झूठो अभिमान,
शीश को दानी करे किरपा,
अकड़ भागे सगळी रे सगळी,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
बाबा का दर्शन कर ले,
गवांयो मिनख जमारों,
बूढ़ापो दोड़्यो आए बालमां,
यम का दूत पकड़ ले ज्यासी,
ना कोई चिट्ठी ना पतरी रे पतरी,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
अरविन्द लिखे, गाए सरोज,
चाल्या ले बाबा को नाम,
बाबा म्हारी टेकी राखज्यो,
भर दो म्हारी, गगरी रे गगरी,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
काईं मांगे तू जमाने सूं,
माँगे तो मांग, मोटे सेठ सूं,
है बाबो मेरो बड़ो दातार,
तेरी दुनिया तो नुगरी रे नुगरी,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
माथो टेक खाटू श्याम के,
बावळा टूटे झूठो अभिमान,
शीश को दानी करे किरपा,
अकड़ भागे सगळी रे सगळी,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
बाबा का दर्शन कर ले,
गवांयो मिनख जमारों,
बूढ़ापो दोड़्यो आए बालमां,
यम का दूत पकड़ ले ज्यासी,
ना कोई चिट्ठी ना पतरी रे पतरी,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
अरविन्द लिखे, गाए सरोज,
चाल्या ले बाबा को नाम,
बाबा म्हारी टेकी राखज्यो,
भर दो म्हारी, गगरी रे गगरी,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
किरपा बरसे, क्यों तरसे,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
खाटू चाल मेरा भरतार,
दिखाऊं तन्ने खाटू नगरी,
दिखाऊं तन्ने प्रेम नगरी,
Khatu Chaal Mera Bhartar Dikhau Tanne Prem Nagari Rajasthani Khatu Shyam Ji Bhajan
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Author - Saroj Jangir
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