इतना तो दो कन्हैया हक़ कम से कम
इतना तो दो कन्हैया हक़ कम से कम भजन इतना तो दो कन्हैया, हक़ कम से कम, कह सके ज़माने को तुम्हारे हैं हम इतना तो दो कन्हैया। ये माना के मीरा...
इतना तो दो कन्हैया हक़ कम से कम भजन इतना तो दो कन्हैया, हक़ कम से कम, कह सके ज़माने को तुम्हारे हैं हम इतना तो दो कन्हैया। ये माना के मीरा...
किस को पता है कब ये हँसा तन पिंजरे को तोड़े भजन किस को पता है, कब ये हँसा, तन पिंजरे को तोड़े, हरी हरी रट मनवा रे, दिन रह गए थोड़े, तू माटी क...