आओ साई के दर पे जन्नत है भजन
आओ साई के दर पे, जन्नत है, आओ साई के दर पे, जन्नत है, जो भी एक बार सर झुका दे, क्षण में बिगड़ी भी बन गयी उनकी, क्षण में बिगड़ी भी बन गयी उ...
आओ साई के दर पे, जन्नत है, आओ साई के दर पे, जन्नत है, जो भी एक बार सर झुका दे, क्षण में बिगड़ी भी बन गयी उनकी, क्षण में बिगड़ी भी बन गयी उ...