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हम धनी जी खिचड़ी की साध

हम धनी जी खिचड़ी की साध हम धनी जी, खिचड़ी की साध, खिचड़ी हाल मंगा द्यो जी। खिचड़ी ए गोरी, मायड़ भावज पै मांग, हम पै मेवा-मीसरी जी।। हम धनी ...

Saroj Jangir

बामण बैठो अंगणा धी रै जमूंगी बामणा

बामण बैठो अंगणा धी रै जमूंगी बामणा हां जी, बामण बैठो अंगणा, धी रै जमूंगी बामणा। केसरिया मारू, के होलड़ा हो ललणा।। धी रै जणै, तेरी अगड़ पड़ो...

Saroj Jangir

हांसी सहर से पाते मंगवा दो

हांसी सहर से पाते मंगवा दो हांसी सहर से पाते मंगवा दो, सिरसे के छीपी से रंगवा दो। गाढ़ा मारा जी, पीलो रंगवा दो।। पीलो ओढ़ म्हारी जच्चा, पाण...

Saroj Jangir

हे री खत भेज रही पीहर मैं रे बीरा छूछक

हे री खत भेज रही पीहर मैं रे बीरा छूछक ल्याइयो रे हे री खत भेज रही पीहर मैं, रे बीरा छूछक ल्याइयो रे।। सास का ल्याइयो रे बीरा, मेरा सुसरे क...

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