चुनरी उढ़ा के मैं भी मालामाल हो भजन

चुनरी उढ़ा के मैं भी मालामाल हो गया भजन

(मुखड़ा)
मेहंदी लगाई तुझको,
और मैं लाल हो गया,
चुनरी उढ़ा के मैं भी,
मालामाल हो गया।
चुनरी उढ़ा के मैं भी,
मालामाल हो गया।।
(अंतरा 1)

जब से मेरी, मैया से,
पहचान हो गई,
राहों की मुश्किलें सभी,
आसान हो गई।

जीवन का सारा, ख़त्म ही,
जंजाल हो गया,
चुनरी उढ़ा के मैं भी,
मालामाल हो गया।।
(अंतरा 2)

मेहंदी लगाने के लिए,
मैया ने बुलाया,
जैसे ही मेरी ओर,
अपना हाथ बढ़ाया।

ऐसा नज़ारा देख, मैं,
निहाल हो गया,
चुनरी उढ़ा के मैं भी,
मालामाल हो गया।।
(अंतरा 3)

सोचा भी नहीं था वो,
माँ ने काम कर दिया,
मुझ दीन पे, इतना बड़ा,
एहसान कर दिया।

सपना था जो, जीवन का,
वो साकार हो गया,
चुनरी उढ़ा के मैं भी,
मालामाल हो गया।।
(अंतरा 4)

चुनरी है कभी तो,
कभी मेहंदी है बहाना,
'सोनू' हमारा काम है,
मैया को रिझाना।

मैं देखते ही रह गया,
कमाल हो गया,
चुनरी उढ़ा के मैं भी,
मालामाल हो गया।।
(अंतिम पुनरावृत्ति)

मेहंदी लगाई तुझको,
और मैं लाल हो गया,
चुनरी उढ़ा के मैं भी,
मालामाल हो गया।
चुनरी उढ़ा के मैं भी,
मालामाल हो गया।।
 

चुनरी उढ़ाके मैया को निहाल हो गया || Matarani Bhajan || Durga Bhajan || Devi Bhajan~ Sherawali Bhajan

Matarani Bhajan: Mehandi Lagai Tujhko Aur Main Laal Ho Gaya
Singer: Saurabh Madhukar
Lyricist: Shri Sunil Gupta (sonuji)
Music Label: Sur Saurabh Industries 

गीत: "मेहँदी लगाई तुझको और मैं लाल हो गया"
गायक: सौरभ मधुकर
गीतकार: श्री सुनिल गुप्ता (सोनू जी)
संगीत लेबल: सुर सौरभ इंडस्ट्रीज

माँ दुर्गा के प्रति भक्ति से ओत-प्रोत यह मनमोहक भजन "चुनरी उझाके मैया को निहाल हो गया" भक्तों के हृदय में माँ के प्रति अगाध प्रेम और समर्पण भर देता है। सौरभ मधुकर जी की मधुर आवाज़ ने इस गीत को एक नया जीवन दिया है, जबकि श्री सुनिल गुप्ता (सोनू जी) के भावपूर्ण बोल माँ के चरणों में श्रद्धा का अर्पण करते हैं।

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