माँ तुम याद आई, बहुत याद आई, भटकता हुआ मैं, तेरे दर पे आया, तेरे नाम की माँ, है ज्योति जगाई, माँ तुम याद आई, बहुत याद आई।।
आ गया दर पे, तेरे उमंग लिए, मन में दर्शन की, मइया तरंग लिए, ममतामयी हो, करुणामयी हो, वो मूरत तेरी, मेरे दिल में समाई, माँ तुम याद आई, बहुत याद आई।।
अपने मन की व्यथा, आज किससे कहूँ, जग में कैसे रहूँ, और कितना सहूँ, जमाने ने मुझको, कहीं का न छोड़ा, तेरा दर है सांचा, ये आवाज़ आई, माँ तुम याद आई, बहुत याद आई।।
याद में माँ तेरी, मैं भटकता रहा, रात-दिन नाम, तेरा ही रटता रहा, फिर भी मिला ना, दरश माँ तुम्हारा, कैसे सहूँ माँ, मैं तेरी जुदाई, माँ तुम याद आई, बहुत याद आई।।
तेरी कृपा की हो, मुझपे बरसात माँ, हो सके रोज़ तुमसे, मुलाकात माँ, परशुराम माँगे, ये वरदान तुमसे, सदा अपने भक्तों की, रहो माँ सहाई, माँ तुम याद आई, बहुत याद आई।।
माँ तुम याद आई, बहुत याद आई, भटकता हुआ मैं, तेरे दर पे आया, तेरे नाम की माँ, है ज्योति जगाई, माँ तुम याद आई, बहुत याद आई।।
माँ तुम याद आई बहुत याद आई-सौरभ उपाध्याय#maa #bhajan #ganesh #bhaktisong#song #hanumanbhajan #radhey