झूम झूम के आयी झूम झूम के माता भजन
(मुखड़ा)
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के,
सिंह बैठी आई मोरी मैया।।
(अंतरा)
सांचे मन से माँ को पुकारो,
दौड़ी-दौड़ी आएं मोरी मैया,
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के,
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के।।
न फूल-पाती, न भोजन थाली,
भाव की भूखी हैं मोरी मैया,
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के,
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के।।
न चौकी कोई, न रेशम का आसन,
हृदय में वो तो विराजे मोरी मैया,
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के,
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के।।
‘राजेंद्र’ दर्शन की आशा लगी है,
सो सिंह पे बैठी आएं मोरी मैया,
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के,
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के।।
(पुनरावृति)
झूम-झूम के आई, झूम-झूम के,
सिंह बैठी आई मोरी मैया।।
झूम झूम के आईं झूम झूम के by rajendra prasad soni
Singer,-rajendra prasad soni
Lyricist-rajendra prasad soni
Music by-ranendra prasad soni