इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया भजन

इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया भजन


इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया,
मैं तां मुड़ आई दिल औत्थे रह गया
इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया...
मन्दिंर च लोकी अगे पिच्छे फिरदे,
राधे राधे कैंण मुहं च फुल खिड़दे
मैंनूं मिट्ठी वाणीं दा सवाद पे गया,मैं
तां मुड़ आई दिल औत्थे रह गया
इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया,
मैं तां मुड़ आई दिल औत्थे रह गया
इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया...
बांकें बिहारी जी दे भीड़ बड़ी,
मैं तां थक्क गई औत्थे लौकां च खड़ी
वजियां सी तालियां ते रोला पे गया
मैंनूं चड़ गई नाम ख़ुमारी,
लोकी कैन्दें रोला पे गया
वजियां सी तालियां ते रोला पे गया,
मैं तां मुड़ आई दिल औत्थे रह गया
इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया,
मैं तां मुड़ आई दिल औत्थे रह गया
इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया...
अख़ा नूं ख़ुमारी चड़ी नींद नस गई, 
सांवरें दी सुरत मेरे नैंना वस गई
पुछदे ने लोकी श्याम की कह गया,
मैं तां मुड़ आई दिल औत्थे रह गया
इक वारी वृन्दावन जाणां पे गया,
मैं तां मुड़ आई दिल औत्थे रह गया
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे


lyrics इक बारी वृन्दावन जाना पे गया ik baari brindavan jana pe gys @Ashusharma31

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।


Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post